वाराणसी। न्यायालय स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (UPSEB) वाराणसी न्यायालय के न्यायाधीश विनोद कुमार V! द्वारा अभियुक्त रविंद्र उर्फ राजू पटेल को फांसी की सजा सुनाई गई। अभियोजन की तरफ से रोहित मौर्य सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी)वाराणसी व वादी के वरिष्ठ अधिवक्ता बटुक नाथ मौर्य, रितेश मौर्य सुधांशु गुप्ता ने पैरवी किया
भूक्त भोगी ने सुनाया मौत के तांडव का दास्तान
अभियोजन कथन के अनुसार 29.10.2013 को मृतक मोहन जायसवाल अपने परिवार के साथ ग्राम चंदापुर में मकान बनवाकर विगत 6 वर्षों से रह रहा था 29.10 .13 को रात्रि में लगभग 9:30 बजे मोहन जायसवाल अपने आगे वाले कमरे में मोबाइल के टार्च की रोशनी जलाकर बाथरूम के लिए आंगन में जा रहे थे उसी समय अभियुक्त रविंद्र राजू पटेल ने उनके सर पर लोहे के रम्भे से वार करने लगता है जिनकी आवाज सुनकर संदीप जो उसी कमरे में पढ़ रहा था बाहर निकला तो अपने पिता के ऊपर वार होता देख वह आगे बढ़ा तब वह व्यक्ति संदीप की तरफ बढ़कर उसको लोहे के रम्भे से मारने लगा दोनों में हाथा पाई होती है उसी समय उस व्यक्ति के मुंह से गमछा हट गया जाता है तो वह कहता है कि अरे राजुवा तू उसके बाद वह संदीप को बुरी तरीके से लोहे के रम्भे से मारने लगता है।
शोरगुल की आवाज सुन पहुंची झुना को भी नहीं बक्शा हत्यारोपी
आवाज़ होता सुन उसी समय उसकी मां झूना जायसवाल व भाई प्रदीप पीछे वाले कमरे में से बाहर आते हैं और संदीप को बचाने का प्रयास करते तभी रविंद्र उर्फ़ राजू उसकी मां झूना को भी उसी लोहे के रम्भे में से बुरी तरह से मारने लगता है।उसी दौरान प्रदीप रविंद्र राजू को वही पड़े डंडे से मारता है जिससे वह लड़खड़ा गिर जाता है फिर पुन उठकर उसके भाई को भी बुरी तरह से लोहे के रम्भे से मारने लगता है वह भी घायल होकर गिर जाता है तब उसकी बहन पूजा पीछे वाले कमरे से आती है तो उसको भी आंगन में बुरी तरह से रविंद्र राजू लोहे के रम्भे से मारने लगता है ।
आरती का जीवन रक्षक बना लालटेन
उसी समय पीछे कमरे में सोई बहन आरती जगती है और शोर गुल सुनकर लालटेन लेकर कमरे के दरवाजे की चौखट पर आती तो देखी रविंद्र राजू आंगन में उसकी बहन को लोहे रम्भे में से मार रहा है और ज्योंहि राजू आरती की तरफ बढ़ता है उसके हाथ से लालटेन छूट जाता है जो गिरकर भभक जाता है वह पीछे हटता है उसके बाद वह दरवाजा बंद करके चौकी के नीचे से अपनी चाची को फोन करती है।
घटना के बाद आदमपुर फकीरपुर से पहुंचे चाचा चाची
बताते चलें कि तभी उसकी चाची छाया अपने पति अशोक कुमार जायसवाल को बताई जो ग्राम आदमपुर फकीरपुर में रह रहे थे वह लोग वहां से अपनी मोटर साइकिल से चिल्लाते हुए ग्राम चंदापुर पहुंचते हैं तो देखते हैं कि चैनल गेट के अंदर खून से लथपत लोग पड़े है।अशोक कुमार को व्यक्तियों के सपोर्ट से चैनल के ऊपर चढ़ाया जाता है जिससे छत के रास्ते वह नीचे जाते हैं और आरती को कमरे से ढांढस देकर बाहर बुलाते है आरती अपने चाचा को लिपटकर रोने लगती है और वहां पड़े लाशों को देखकर बेहोश हो जाती है।
एंबुलेंस की मदद से सभी को पहुंचाया गया था अस्पताल
एंबुलेंस बुलाकर एंबुलेंस और पुलिस की मदद से दीनदयाल सभी घायलों को ले जाया जाता है जहां पर चार लोगों को मृत घोषित कर दिया गया वही संदीप की हालत चिंताजनक होते हुए उसको रेफर किया गया जिसको सिंह मेडिकल रिसर्च सेंटर मलदहिया वाराणसी में अग्रिम उपचार बेहतर इलाज के लिए लाया गया ।
उसी दिन देर रात्रि दर्ज कराया गया था मुकदमा
अशोक कुमार जायसवाल द्वारा इस घटना के बाबत उसी दिन रात्रि में 11:30 बजे चोलापुर में FIR लिखवाया गया विवेचना के दौरान अभियुक्त रविंद्र उर्फ राजू पटेल को 6-11-13 को ग्राम चंदापुर नहरिया के पास पकड़ा गया जिसके पास से मृतक का लूटी हुई मोबाइल भी बरामद हुई और और उसके निशान देही पर उसके घर के पीछे जले हुए कपड़े व जूते अवशेष भी बरामद किए गए।
IMEI नंबर ने भी की पुलिस की सहायता
अभियुक्त द्वारा 4 तारीख को मृतक के मोबाइल पर अपना सिम डाला जिसका IMEI नंबर भी पुलिस द्वारा निकाला गया पुलिस ने विवेचना उपरांत रविंद्र राजू पटेल के विरुद्ध 302 307 394 411 201 आईपीसी में आरोप पत्र प्रेषित किया गया
चार व्यक्तियों की नृशंस हत्या मामले में अभियुक्त को दी गई सजा
न्यायालय मे अभियोजन द्वारा कुल 18 गवाह परीक्षित कराए गए और न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात गुण दोष पर सुनते हुए अभियुक्त रविंद्र राजू पटेल को 23.3.2026 को दोषसिद्ध करार देते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई की और 25.03.2026 को अभियुक्त रविंद्र राजू पटेल को 302 307 394 411 201 आईपीसी में दोषसिद्ध करते हुए जुर्माने का आर्डर किया गया।
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