वाराणसी। जनपद के चोलापुर स्थित शहीद स्मारक पर देश के वीर सपूतों को उचित सम्मान दिलाने की मांग एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। क्षेत्रीय लोगों और किसानों ने सरकार से अपील की है कि यहां जिले का सबसे ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया जाए, साथ ही शहीदों की स्मृति में संग्रहालय, शहीद पथ और प्रत्येक वर्ष 17 अगस्त को पुलिस प्रशासन द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर कार्यक्रम आयोजित किया जाए।

आजादी के इतने वर्ष बाद भी शहीदों को नहीं मिला सम्मान

स्थानीय लोगों का कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी चोलापुर के शहीदों को वह सम्मान नहीं मिल पाया, जिसके वे हकदार हैं। बताया जाता है कि 17 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान पांच देशभक्तों ने चोलापुर थाने में घुसकर अंग्रेजी झंडे को उतारकर भारतीय ध्वज फहराने का प्रयास किया था। इस दौरान अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें गोलियों से भून दिया, जिससे वे वीरगति को प्राप्त हो गए।

ऊंचा तिरंगा और संग्रहालय बनाने की उठी आवाज

इन शहीदों में राम नरेश उपाध्याय, पंचम राम, श्रीराम उर्फ बच्चू पटेल, चौथी राजभर और निरहू पटेल शामिल हैं। इनका बलिदान आज भी क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि कई बड़े नेताओं ने समय-समय पर शहीद स्मारक का दौरा कर वादे किए, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनकी मांग है कि कम से कम 101 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज यहां लगाया जाए, जिससे शहीदों के सम्मान को सही मायनों में दर्शाया जा सके।

गोला-कटारी मार्ग को ‘शहीद पथ’ घोषित करने की उठी मांग 

इसके साथ ही, गोला-कटारी मार्ग (लगभग 3 किलोमीटर) को ‘शहीद पथ’ घोषित करने और घटना स्थल पर एक भव्य संग्रहालय बनाने की भी मांग उठाई गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियां शहीदों के बलिदान और वीरता की गाथा को जान सकें।

17 अगस्त को पुलिस प्रशासन द्वारा शहीदों को औपचारिक सलामी दी जाय

स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि हर वर्ष 17 अगस्त को पुलिस प्रशासन द्वारा शहीदों को औपचारिक सलामी दी जाए, जिससे उनके बलिदान को याद रखा जा सके।इस संबंध में संबंधित मांगों की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय, गृहमंत्री कार्यालय और रक्षामंत्री कार्यालय को भी भेजी गई है।

Link Copied to Clipboard!

Comments (0)

2 + 8 = ?
No comments yet. Be the first to share your thoughts!