वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शिक्षा एवं परियोजना समिति/बेसिक शिक्षा/माध्यमिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। इसमें शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई और जिलाधिकारी द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

स्कूल चलो अभियान लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत नामांकन की कार्यवाही सुनिश्चित करें DM

जिलाधिकारी ने जनपद, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले स्कूल चलों अभियान (01-15 अप्रैल और द्वितीय चरण 01-15 जुलाई तक) के वृहद कार्यक्रम के माध्यम से समस्त विद्यालयों में बच्चों (03 से 06 साल)के नामांकन दर बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत नामांकन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। सर्वे और जनसंपर्क के माध्यम से लोगों से बातचीत करें। 

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला शिक्षा और परियोजना समिति की बैठक हुई

जिलाधिकारी ने विकासखंडवार/स्कूलवार/कक्षावार ड्रॉपआउट बच्चों के आंकड़े प्रस्तुत करने के निर्देश बीएसए को दिए।उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि दूसरी कक्षा और पाँचवी कक्षा के बीच कितने बच्चों ने स्कूल छोड़ा। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे बच्चों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने डीबीटी के माध्यम से बच्चों को मिलने वाले प्रोत्साहन राशि के अंतरण कार्यों में सभी बीईओ को तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि लंबित आवेदनों का शीघ्रता से निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों के मेडिकल सर्टिफ़िकेट को जारी करने में लापरवाही न बरती जाए। बिना कारण के आवेदन लंबित न हो। 

उन्होंने पीएम श्री योजना के तहत विद्यालयों में होने वाले कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए संबंधित ब्लॉक के बीईओ को निर्देशित किया। कहा कि विद्यालयों में बालक व बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण कार्यों शीघ्र पूर्ण करा लिया जाए। उन्होंने सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालय और सीएम अभ्युदय योजना की भी समीक्षा की।

जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के तहत संचालित 19 पैरामीटर पर जनपद के सभी विद्यालयों में शिक्षा की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों का मूल्यांकन अवश्य किया जाए और उन्हें निपुण बनाने के प्रयास किए जाए। उन्होंने कहा कि जहाँ भी बच्चों का मूल्यांकन कम है, इसके कारण की समीक्षा करें। 

निपुण प्लस ऐप पर बच्चों का आकलन सही तरीक़े से करवाने के लिए शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि सभी एआरपी (अकादमिक संसाधन व्यक्ति) अपने क्षेत्र के स्कूलों में जाकर शैक्षणिक सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करें। उन्होंने निपुण लक्ष्य के सापेक्ष कम मूल्यांकन प्रगति वाले स्कूलों में निरीक्षण दर बढ़ाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने पंद्रह साल से ऊपर के असाक्षर लोगों को बुनियादी शिक्षा प्रदान कर साक्षर बनाने के लिए ग्रीन आर्मी की महिलाओं का सहयोग लेने का निर्देश दिया।

बैठक में सीडीओ प्रखर कुमार सिंह, बीएसए अनुराग श्रीवास्तव सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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