वाराणसी। प्राचीन श्रीराम मंदिर, गुरु धाम में इस वर्ष भी श्रीराम जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा और धुमधाम के साथ मनाया गया। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा, जहां दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। दोपहर 12 बजे आयोजित भव्य आरती इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रही, जिसमें 51 थालियों से सामूहिक रूप से भगवान की आरती उतारी गई।

दो दिन पहले से शुरू हुई तैयारियां

जन्मोत्सव को लेकर मंदिर परिसर में दो दिन पूर्व से ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। पूरे मंदिर को फूलों की मालाओं, रंग-बिरंगे गुब्बारों और आकर्षक विद्युत झालरों से सजाया गया था, जिसने श्रद्धालुओं का मन अपनी ओर आकर्षित कर लिया।

वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच की गई पूजा-अर्चना

बताते चलें कि सुबह 8 बजे आश्रम के बटुकों और आचार्यों ने एकत्र होकर भगवान श्रीराम का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा संचार से भर उठा।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम में काशी के कलाकारों के द्वारा सुबह 10 बजे से प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों पर आधारित सुंदर प्रस्तुतियां दी गईं। वहीं महिलाओं के द्वारा पारंपरिक बधाई गीतों के माध्यम से उत्सव का माहौल और भी रंगारंग तथा उल्लासपूर्ण बना दिया गया ।

प्रसाद वितरण और भंडारे में भक्तों की उमड़ी भीड़

भव्य आरती के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। साथ ही आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया रामनवमी के इस पावन अवसर पर पुरी काशी राम मय हो गई थी सड़कों पर ध्वजा पता का और केसरिया रंगों ने सबका मन मोह लिया।

काशी के संतों के सानिध्य में संपन्न हुआ आयोजन

यह पूरा आयोजन श्री रामानंद विश्व हितकारिणी परिषद के संस्थापक श्रीमद् जगद्गुरु रामानंदाचार्य काशी पीठाधीश्वर स्वामी डॉ. राम कमलाचार्य वेदांती जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की व्यवस्था आश्रम के सचिव पंडित रामभरत शास्त्री द्वारा सुव्यवस्थित रूप से की गई, जिसके चलते आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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