Khabarilaal News Desk :

भारत द्वारा सिंधु जल संधि निलंबित किए जाने के एक साल बाद अब इसका असर पाकिस्तान में साफ दिखाई देने लगा है। खेती से लेकर पीने के पानी तक, पाकिस्तान के कई हिस्सों में संकट गहराता जा रहा है।

भारत ने आतंकवाद पर कड़ा संदेश देते हुए सिंधु जल संधि को स्थगित रखा है। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को “विश्वसनीय और स्थायी” रूप से बंद नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं होगी।

पहलगाम हमले के बाद बदला भारत का रुख

दशकों से लागू सिंधु जल संधि के बावजूद पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा। लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने बड़ा फैसला लेते हुए संधि को निलंबित कर दिया।

पाकिस्तान की खेती पर बड़ा असर

सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का पानी पाकिस्तान की लगभग 80% कृषि भूमि की सिंचाई करता है। अब जल आपूर्ति प्रभावित होने से गेहूं, चावल, कपास और गन्ने की पैदावार में गिरावट दर्ज की जा रही है।

पानी और बिजली दोनों का संकट

रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान का करीब 30% जलविद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे उद्योगों और घरों में बिजली संकट बढ़ गया है। साथ ही पीने के पानी की उपलब्धता भी तेजी से घट रही है।

भारत का साफ संदेश

भारत ने दो टूक कहा है— आतंक और बातचीत साथ नहीं चल सकते, आतंक और व्यापार साथ नहीं चल सकते, और पानी और खून साथ नहीं बह सकते।अब पाकिस्तान के सामने दो ही रास्ते हैं— या तो आतंकवाद का समर्थन छोड़ दे, या फिर जल संकट का सामना करता रहे।

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