khabarilaal news desk
वाराणसी:-- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से की गई ईंधन बचत, ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की अपील अब उत्तर प्रदेश में बड़े प्रशासनिक और सामाजिक अभियान का रूप लेती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री डा. दयाशंकर मिश्र दयालू ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सिंगल कार का उपयोग शुरू कर दिया है। इसे सरकार की पर्यावरण हितैषी नीतियों को व्यवहारिक रूप से लागू करने की दिशा में एक बड़ी और प्रतीकात्मक पहल माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिलों में 50 प्रतिशत तक कटौती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार “ग्रीन इंडिया”, ऊर्जा संरक्षण, स्वदेशी संसाधनों के उपयोग और ईंधन की बचत को लेकर देशवासियों से अपील करते रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेश में ऊर्जा बचत और सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिलों में 50 प्रतिशत तक कटौती करने तथा अनावश्यक वाहनों को हटाने को कहा है।
इलेक्ट्रिक वाहन अपनाते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और ईंधन बचत आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता
इसके तहत आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने इलेक्ट्रिक वाहन अपनाते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और ईंधन बचत आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “ग्रीन इंडिया” विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पर्यावरण हितैषी नीतियों से प्रेरित होकर उन्होंने EV वाहन का उपयोग शुरू किया है।
मुख्यमंत्री योगी के ‘ग्रीन गवर्नेंस’ मॉडल को जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में मंत्री का बड़ा कदम
डॉ. दयालू ने कहा कि आने वाले समय में वे अपने दैनिक जीवन में भी कई अन्य पर्यावरण अनुकूल बदलाव अपनाएंगे, ताकि समाज में ईंधन और स्वच्छ वातावरण के प्रति सकारात्मक संदेश जाए। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि स्वयं इस दिशा में पहल करेंगे, तभी समाज में व्यापक जागरूकता पैदा होगी और यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले सकेगा।
डॉ. दयालु बोले- पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत अब केवल विकल्प नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी
वाराणसी में जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालू’ ने काशीवासियों और प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों एवं ईंधन बचत उपायों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और हरित उत्तर प्रदेश के निर्माण के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
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