Khabarilaal News Desk :

Narendra Modi का United Arab Emirates दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब पश्चिम एशिया में Iran और UAE के बीच तनाव चरम पर है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते संकट और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से पूरी दुनिया की नजर इस दौरे पर टिक गई है।

होर्मुज संकट से बढ़ी चिंता

Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है, इस संकट से सीधे प्रभावित हो सकता है।

भारत-UAE रक्षा समझौते पर बनी सहमति

PM मोदी और Mohamed bin Zayed Al Nahyan के बीच रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में कई अहम समझौते हुए। दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा सहयोग के नए फ्रेमवर्क पर भी सहमति जताई।

ईरान-UAE तनाव ने बढ़ाई मुश्किल

हालिया संघर्ष में ईरान और UAE के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हुए हैं। BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में भी दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

भारत को साधना होगा संतुलन

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के UAE और ईरान—दोनों के साथ मजबूत रिश्ते हैं। ऐसे में नई दिल्ली को बेहद सावधानी से कूटनीतिक संतुलन बनाए रखना होगा ताकि किसी भी पक्ष की नाराजगी न बढ़े।

 
 
 
Link Copied to Clipboard!

Comments (0)

3 + 9 = ?
No comments yet. Be the first to share your thoughts!