khabarilaal news desk
वाराणसी | महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए मंत्रियों के काफिलों और उनके आचरण पर सवाल खड़े किए हैं,उन्होंने कहा कि जनता को पेट्रोल-डीजल बचाने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की सलाह देने वाले नेताओं को पहले स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
मंत्रियों को बड़े-बड़े काफिलों की आवश्यकता क्यों
राघवेन्द्र चौबे ने प्रश्न उठाया कि मंत्रियों को बड़े-बड़े काफिलों की आवश्यकता क्यों पड़ती है और क्या उन्हें बस या ट्रेन से सफर करने में संकोच होता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री के उस आह्वान का हवाला दिया, जिसमें नागरिकों से ईंधन की खपत कम करने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की गई थी।
महानगर अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री और मुख्यमंत्री इस अपील का पालन नहीं कर रहे हैं।
मंत्रियों के काफिलों में गाड़ियों की संख्या आधी करने का निर्णय पर्याप्त नहीं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मंत्रियों के काफिलों में गाड़ियों की संख्या आधी करने का निर्णय पर्याप्त नहीं है,उनके अनुसार, एक मंत्री एक ही वाहन में यात्रा कर सकता है, लेकिन सत्ता के अहंकार के कारण ऐसा नहीं किया जा रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि त्याग केवल आम जनता से अपेक्षित है, जबकि सत्ताधारी नेता जनता के पैसों पर सुविधाएं भोग रहे हैं।
ईंधन संकट के लिए सरकार की नीति और लापरवाही जिम्मेदार
उन्होंने सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां आम लोगों को विदेश यात्राएं टालने की सलाह दी जाती है, वहीं नेता स्वयं विदेश दौरों पर जाते हैं। राघवेन्द्र चौबे ने मौजूदा आर्थिक और संभावित ईंधन संकट के लिए सरकार की नीतियों और लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को जनता को उपदेश देने से पहले स्वयं सादगी और मितव्ययिता अपनानी चाहिए।
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