Khabarilaal News Desk :

दुनिया के मौसम वैज्ञानिकों ने 2027 को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की है। National Oceanic and Atmospheric Administration (NOAA) के मुताबिक प्रशांत महासागर में सुपर एल नीनो बनने की संभावना बढ़ रही है, जो 2027 को अब तक का सबसे गर्म साल बना सकता है।

क्या है सुपर एल नीनो?

El Niño–Southern Oscillation (ENSO) का गर्म चरण एल नीनो कहलाता है। इसमें उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर की समुद्री सतह का तापमान सामान्य से तेजी से बढ़ जाता है। जब यह बढ़ोतरी बहुत ज्यादा यानी 2 डिग्री सेल्सियस (करीब 3.6°F) या उससे अधिक हो जाती है, तो इसे ‘सुपर एल नीनो’ कहा जाता है।

कैसे बनता है एल नीनो?

एल नीनो की शुरुआत ट्रेड विंड्स यानी भूमध्य रेखा के पास बहने वाली स्थायी हवाओं से होती है। जब ये हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं या दिशा बदल देती हैं, तो प्रशांत महासागर के ठंडे हिस्से गर्म होने लगते हैं। इससे मौसम का पूरा संतुलन बिगड़ जाता है।

क्या होगा इसका असर?

सुपर एल नीनो के कारण दुनिया में कई बड़े बदलाव हो सकते हैं—

  • रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
  • कई देशों में सूखे की स्थिति
  • कहीं बाढ़ और तेज बारिश
  • जंगलों में आग की घटनाओं में बढ़ोतरी
  • तूफानों की तीव्रता में बदलाव

1997-98 में भी दिखा था कहर

इससे पहले 1997-98 के सुपर एल नीनो ने दुनिया भर में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें करीब 23,000 लोगों की मौत हुई थी।

2027 पर वैज्ञानिकों की नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह सुपर एल नीनो मजबूत हुआ, तो 2027 अब तक का सबसे गर्म वर्ष बन सकता है और जलवायु संकट को और गंभीर कर सकता है।

 

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