Khabarilaal News Desk :
India की वायुसेना अपनी ताकत को और बढ़ाने के लिए सुखोई Sukhoi Su-30MKI लड़ाकू विमानों का बड़ा अपग्रेड करने जा रही है। इस प्रोजेक्ट को आम तौर पर ‘सुपर सुखोई’ नाम दिया जा रहा है, जो पाकिस्तानी JF-17 Thunder और F-16 Fighting Falcon जैसे लड़ाकू विमानों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
4.7 जेनरेशन का हो जाएगा सुखोई Su-30MKI
भारतीय वायुसेना इस अपग्रेडेशन में रूस की मदद ले रही है, जबकि कई फ्रांसीसी और इजरायली तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस योजना के तहत सुखोई के रडार, इंजन और एवियोनिक्स सिस्टम में बड़े बदलाव किए जाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि अपग्रेड के बाद Su-30MKI की क्षमता 4.7 जेनरेशन तक पहुंच जाएगी, जिससे इसकी मारक क्षमता और तकनीकी बढ़त काफी बढ़ जाएगी।
HAL करेगी अपग्रेडेशन की अगुवाई
इस परियोजना की अगुवाई Hindustan Aeronautics Limited (HAL) करेगी। पहले चरण में 84 विमानों को अपग्रेड किया जाएगा, जबकि बाद में करीब 200 और विमानों को आधुनिक बनाया जाएगा।
विरूपाक्ष रडार से लैस होगा सुपर सुखोई
अपग्रेडेड सुखोई में भारत का स्वदेशी ‘विरूपाक्ष’ AESA रडार लगाया जा सकता है, जिसे Defence Research and Development Organisation (DRDO) ने विकसित किया है। यह रडार 200 किलोमीटर से ज्यादा दूरी से दुश्मन के स्टील्थ विमानों को पहचानने में सक्षम बताया जा रहा है।
AI आधारित एवियोनिक्स सूट मिलेगा
इसके अलावा विमान में नया AI आधारित एवियोनिक्स सूट लगाया जाएगा, जिससे इसकी युद्ध क्षमता और बेहतर होगी।
इंजन बदलने की भी तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, सुखोई के मौजूदा इंजन को बदलकर ज्यादा शक्तिशाली AL-41F-1S इंजन लगाया जा सकता है, जिससे विमान की गति और प्रदर्शन दोनों में सुधार होगा।
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