khabarilaal news desk
हर साल 17 मई को 'विश्व उच्च रक्तचाप दिवस' मनाया जाता है। इसे World Hypertension League ने 2005 में शुरू किया था। इसका मकसद है लोगों को हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन के खतरों के बारे में जागरूक करना। हाइपरटेंशन को "साइलेंट किलर" कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण शुरुआत में दिखते नहीं, पर ये हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेलियर का सबसे बड़ा कारण है।
अपना ब्लड प्रेशर सही से नापें, 2026 की थीम
इस साल की थीम है: "अपना ब्लड प्रेशर सही से नापें, इसे नियंत्रण में रखें, लंबा जीवन जिएं"। ये थीम इसलिए जरूरी है क्योंकि 50% से ज्यादा लोगों को पता ही नहीं होता कि उन्हें हाइपरटेंशन है।
हाइपरटेंशन क्या है?
जब रक्त धमनियों की दीवारों पर सामान्य से ज्यादा दबाव डालता है तो उसे उच्च रक्तचाप कहते हैं। सामान्य BP 120/80 mmHg माना जाता है। 140/90 या उससे ऊपर लगातार रहने पर हाइपरटेंशन की श्रेणी में आता है।
मुख्य कारण
1. जीवनशैली: ज्यादा नमक खाना, जंक फूड, शराब, धूम्रपान, मोटापा
2. तनाव: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्ट्रेस BP बढ़ाने का बड़ा कारण है
3. शारीरिक निष्क्रियता: रोजाना व्यायाम न करना
4. आनुवंशिक: परिवार में किसी को है तो खतरा बढ़ जाता है
भारत में स्थिति
WHO के अनुसार भारत में 28% वयस्क हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी के कारण सिर्फ 12% लोगों का BP कंट्रोल में है। यही वजह है कि हर साल भारत में 16 लाख मौतें सिर्फ हाइपरटेंशन की वजह से होती हैं।
बचाव और नियंत्रण
1. नमक कम करें: दिन में 5 ग्राम से कम नमक लें
2. DASH डाइट - Dietary approach to stop hypertension फल, सब्जी, साबुत अनाज, कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट खाएं
3. 30 मिनट व्यायाम: रोजाना तेज चलना, योग, साइकिलिंग करें
4. तनाव प्रबंधन: मेडिटेशन और पूरी नींद लें
5. नियमित जांच: 30 साल के बाद हर 6 महीने में BP जरूर चेक कराएं
विश्व उच्च रक्तचाप दिवस का महत्व
ये दिन हमें याद दिलाता है कि BP मशीन सिर्फ डॉक्टर के क्लिनिक में नहीं, हर घर में होनी चाहिए। "Know Your Numbers" कैंपेन के तहत फ्री BP चेकअप कैम्प लगते हैं। स्कूल और ऑफिस में जागरूकता कार्यक्रम होते हैं।
निष्कर्ष
हाइपरटेंशन लाइलाज नहीं है। समय पर जांच और जीवनशैली में छोटे बदलाव से इसे पूरी तरह कंट्रोल किया जा सकता है। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि खुद से वादा करने का दिन है कि हम अपनी सेहत को प्राथमिकता देंगे। याद रखें: रोकथाम ही सबसे बेहतर इलाज है।
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