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वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर में पीपल और बरगद जैसे पेड़ों को धार्मिक आस्था के नाम पर हो रहे नुकसान का मामला सामने आया है। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र भेजकर पेड़ों पर धागा बांधने और उनके नीचे दीया जलाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की गई है।

पेड़ों पर लगातार धागा बांधने से उनकी छाल हो रही है, प्रभावित

पत्र में कहा गया है कि पेड़ों पर लगातार धागा बांधने से उनकी छाल प्रभावित हो रही है, जिससे पेड़ों के प्राकृतिक विकास पर असर पड़ रहा है। वहीं, जड़ों के पास दीया जलाने से गर्मी और तेल के कारण पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ रही है। पर्यावरण प्रेमियों और जागरूक नागरिकों ने इसे गंभीर विषय बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की अपील की है।

परिसर में चलाया जाए जागरूकता अभियान

मांग की गई है कि परिसर में जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग पेड़ों की सुरक्षा के महत्व को समझ सकें। इसके साथ ही प्रमुख स्थानों पर सूचना पट्ट लगाकर लोगों से पेड़ों को नुकसान न पहुंचाने की अपील करने का सुझाव भी दिया गया है।

धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी

जानकारों का मानना है कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है, ताकि परिसर की हरियाली और जैव विविधता सुरक्षित रह सके।

Reporter--Rajendra Prasad Gupta

 
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