वाराणसी।धरोहर संरक्षण सेवा संगठन के तत्वावधान में श्री हनुमान प्राकट्य उत्सव एवं केसरिया भारत के स्थापना दिवस पर धर्मसंघ शिक्षा मंडल (मणि मंदिर) परिसर स्थित सभागार में एक कार्यक्रम कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से दीप प्रज्ज्वलित कर मंत्रोच्चारण,पूजा-अर्चना के साथ हुआ.कार्यक्रम की अध्यक्षता जगजीतन पाण्डेय ( महामंत्री धर्मसंघ शिक्षा मंडल )ने किया.अपने उद्बोधन में कहा सभी नकारात्मक शक्तिओं का अंत हनुमान जी की कृपा व उनके भक्तों के द्वारा ही होना संभव है, हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए उनके शरण में जाना होगा. केसरिया भारत प्रमुख संयोजक कृष्णा नन्द पाण्डेय ने कहा केसरिया त्याग बलिदान का प्रतीक है,त्याग करने की प्रवृत्ति ही बलिदान की भावना पैदा करती हैं,हमारा संकल्प काशी से एक हजार आठ केसरिया बलिदानियों के चयन,प्रशिक्षण, नियोजन का है, इस संकल्प को केसरिया भारत संगठन के कार्यकर्ता सभी काशी वासियो के साथ मिलकर पूरा करेंगे ।
केसरिया भारत प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह ने कहा सनातन वैदिक संस्कृति स्थापना के लिए बलिदानियों की जत्था तैयार करने के लिये केसरिया भारत संकल्पित है, जिसे पूरा करने का पूर्ण प्रयास करेंगा । कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित हुई जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे,
इस अवसर पर केसरिया भारत से जुड़े लोगों के बीच शस्त्र और शास्त्र दोनों का वितरण किया गया ।इसका उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कृति और आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है, कार्यक्रम का संचालन गौरव मिश्र ने किया समापन सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से हुआ,केसरिया भारत के राष्ट्रीय संयोजक कृष्णानंद पांडेय व राज मंगल पाण्डेय के नेतृत्व में विशाल ध्वज यात्रा निकाला गया ।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से,विनय दुबे,राकेश त्रिपाठी,डा.चंद्र देव पटेल,आनन्द मिश्र, संतोषी शुक्ला, प्रतीक गुप्ता,अश्वनि पाण्डेय, अमन त्रिपाठी,सोनू गोंड, देवेश तिवारी, प्रियम मिश्रा, बबीता चौरसिया, रामानन्द, अमन त्रिपाठी सहित हजारो की संख्या में लोग उपस्थित रहे
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