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नई दिल्ली/मुंबई। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार ने ‘विश्व मधुमक्खी दिवस-2026’ के अवसर पर देशभर में वर्चुअल माध्यम से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया।मुख्य कार्यक्रम केवीआईसी मुख्यालय, मुंबई के साथ-साथ राज्य एवं मंडलीय कार्यालयों तथा केंद्रीय मधुमक्खी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीबीआरटीआई), पुणे में आयोजित किए गए।
पुणे में आयोजित ‘हनी प्रदर्शनी’ का वर्चुअल उद्घाटन
नई दिल्ली स्थित गांधी दर्शन कार्यालय से केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने देशभर के मधुमक्खी पालकों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों, लाभार्थियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ऑनलाइन संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सीबीआरटीआई, पुणे में आयोजित ‘हनी प्रदर्शनी’ का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।
इस वर्ष विश्व मधुमक्खी दिवस की थीम “Bee Together for People and the Planet” रखी गई, जिसके तहत मधुमक्खियों की पर्यावरण संरक्षण, कृषि उत्पादकता और जैव विविधता बढ़ाने में भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।
“श्वेत क्रांति से स्वीट क्रांति” के विजन ने ग्रामीण भारत में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को दी नई दिशा
अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और ऊर्जा संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रमों का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया गया। इससे यात्रा और ईंधन की बचत हुई तथा देशभर से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “श्वेत क्रांति से स्वीट क्रांति” के विजन ने ग्रामीण भारत में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दी है। मधुमक्खी पालन आज खेती, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
प्रधानमंत्री की प्रेरणा से केवीआईसी ने वर्ष 2017 में ‘हनी मिशन’ हुआ शुरू
श्री मनोज कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से केवीआईसी ने वर्ष 2017 में ‘हनी मिशन’ शुरू किया था। इसके तहत वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक देशभर में 2,46,099 बी-बॉक्स एवं बी-कालोनियों का वितरण किया गया, जिससे लगभग 24,269 मीट्रिक टन शहद उत्पादन को बढ़ावा मिला। वर्ष 2025-26 में अनुमानित शहद उत्पादन 5,512 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है।
केवीआईसी से जुड़े मधुमक्खी पालकों द्वारा लगभग 31 करोड़ रुपये मूल्य के शहद का किया गया निर्यात
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में केवीआईसी से जुड़े मधुमक्खी पालकों द्वारा लगभग 31 करोड़ रुपये मूल्य के शहद का निर्यात किया गया। भारतीय शहद की मांग अमेरिका, कनाडा, यूएई, इजराइल, सऊदी अरब, ओमान, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, कतर और कोरिया रिपब्लिक सहित कई देशों में लगातार बढ़ रही है।कार्यक्रम में देशभर के प्रतिभागियों ने मधुमक्खी पालन से जुड़ी सफलता की कहानियां और अनुभव साझा किए। इस अवसर पर केवीआईसी के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ, खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, प्रशिक्षार्थी, बैंक प्रतिनिधि और राज्य सरकारों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री की ‘स्वीट क्रांति’ को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान
केवीआईसी ने विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर लोगों से मधुमक्खियों के संरक्षण, अधिकाधिक युवाओं को बी-कीपिंग से जोड़ने और प्रधानमंत्री की ‘स्वीट क्रांति’ को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
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