Khabarilaal News Desk :

India की समुद्री ताकत लगातार मजबूत हो रही है। ब्रिटेन के प्रतिष्ठित थिंक टैंक International Institute for Strategic Studies (IISS) ने कहा है कि भारत की नई S5 श्रेणी की परमाणु पनडुब्बियां भविष्य में चीन और पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती हैं।

क्या है S5 सबमरीन?

S5 भारत की अगली पीढ़ी की परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) परियोजना है। इसे भारतीय नौसेना की मौजूदा INS Arihant श्रेणी से कहीं ज्यादा ताकतवर माना जा रहा है। यह पनडुब्बी लंबी दूरी की परमाणु मिसाइलों से लैस होगी और महीनों तक समुद्र में छिपकर ऑपरेशन कर सकेगी।

INS अरिदमन से बढ़ी भारत की ताकत

भारतीय नौसेना ने हाल ही में INS Aridhaman (S4) को अपने बेड़े में शामिल किया है। यह पहले से मौजूद INS अरिहंत और INS Arighaat के साथ मिलकर भारत की समुद्री परमाणु क्षमता को मजबूत करेगा।

क्या होता है SSBN?

SSBN यानी Submersible Ship Ballistic Nuclear ऐसी पनडुब्बी होती है जो परमाणु ऊर्जा से चलती है और परमाणु मिसाइलें दाग सकती है। इसकी सबसे बड़ी ताकत यही है कि इसे समुद्र में ढूंढ पाना बेहद मुश्किल होता है, जिससे दुश्मन पर अचानक जवाबी हमला संभव हो जाता है।

भारत की ‘सेकंड स्ट्राइक’ क्षमता होगी मजबूत

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि S5 जैसी पनडुब्बियां भारत की ‘सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ को बेहद मजबूत करेंगी। इसका मतलब है कि यदि भारत पर कोई परमाणु हमला होता है तो वह समुद्र से छिपकर जवाबी हमला करने में सक्षम रहेगा।

INS वर्षा बनेगा नया सीक्रेट बेस

भारत आंध्र प्रदेश में INS Varsha नाम से एक अत्याधुनिक भूमिगत पनडुब्बी बेस भी तैयार कर रहा है। इसे भारत की परमाणु पनडुब्बियों का भविष्य का मुख्य अड्डा माना जा रहा है।

चीन-पाकिस्तान के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की बढ़ती समुद्री परमाणु क्षमता हिंद महासागर क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदल सकती है। S5 के पूरी तरह ऑपरेशनल होने के बाद चीन और पाकिस्तान के लिए भारत की रणनीतिक चुनौती और बढ़ जाएगी।

 
 
 
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