Khabarilaal News Desk :

Pakistan की सेना इन दिनों अपने ही देश में बड़े संकट का सामना कर रही है। एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी सेना उन चरमपंथी संगठनों के खिलाफ लगातार हार रही है, जिन्हें कभी उसने खुद तैयार और समर्थन दिया था। इससे सेना प्रमुख Asim Munir की छवि पर भी गंभीर असर पड़ा है।
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान सबसे ऊपर

हाल ही में जारी ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 में पाकिस्तान को दुनिया का सबसे ज्यादा आतंकवाद प्रभावित देश बताया गया है। यह पहली बार है जब पाकिस्तान इस सूची में शीर्ष पर पहुंचा है, जिससे उसकी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
पाकिस्तानी सेना खो रही अपनी जमीन

रिपोर्ट के अनुसार, जब असीम मुनीर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी ताकत दिखाने में व्यस्त थे, उसी दौरान देश के अंदर सेना की पकड़ कमजोर होती गई। खासकर अफगानिस्तान सीमा से लगे इलाकों में चरमपंथी समूहों ने हमले तेज कर दिए हैं।
खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा प्रभावित

आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान में हुए कुल आतंकी हमलों में से 74 प्रतिशत हमले Khyber Pakhtunkhwa और Balochistan में हुए हैं। इन्हीं क्षेत्रों में सबसे ज्यादा जान-माल का नुकसान भी दर्ज किया गया है।
TTP और BLA बने पाक सेना के लिए बड़ा खतरा

Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) और Balochistan Liberation Army (BLA) ने पाकिस्तानी सेना पर कई बड़े हमले किए हैं। BLA ने बलूचिस्तान के 9 जिलों में एक साथ हमला कर सुरक्षा एजेंसियों को हिला दिया, जिसमें क्वेटा और ग्वादर जैसे अहम शहर भी शामिल थे।
समुद्री सुरक्षा भी खतरे में

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ग्वादर के पास बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड पर हमला किया, जिसमें तीन अधिकारी मारे गए। यह पहली बार था जब किसी पाकिस्तानी समुद्री बल को इस तरह निशाना बनाया गया।
मुनीर की सेना पर उठे सवाल

विश्लेषकों का मानना है कि विदेशों में ताकत दिखाने वाली असीम मुनीर की सेना अपने ही देश में सुरक्षा बनाए रखने में संघर्ष कर रही है। लगातार हो रहे हमलों ने पाकिस्तान की सैन्य प्रतिष्ठा को बड़ा झटका दिया है।
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