Khabarilaal News Desk :

Prime Minister Narendra Modi ने इटली दौरे के दौरान Colosseum का दौरा किया, जहां उनके साथ Italy की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni भी मौजूद रहीं। दोनों नेताओं ने रोम के इस ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध स्मारक का दौरा किया और इसकी भव्यता को करीब से देखा। पीएम मोदी ने इसे शानदार अनुभव बताते हुए सोशल मीडिया पर तस्वीरें भी साझा कीं।

क्या है कोलोसियम का इतिहास?

कोलोसियम दुनिया के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में से एक है, जिसे दुनिया के सात अजूबों में गिना जाता है। इसका निर्माण रोमन सम्राट Vespasian के शासनकाल में 70-72 ईस्वी के बीच शुरू हुआ था और बाद में उनके बेटे Titus ने इसे पूरा कराया।

यह विशाल एम्फीथिएटर (खेल का मैदान) रोम साम्राज्य की शक्ति और स्थापत्य कला का शानदार उदाहरण माना जाता है।

जहां होती थीं खूनी ग्लेडिएटर लड़ाइयां

एक समय था जब हजारों रोमन नागरिक यहां बैठकर ग्लेडिएटर योद्धाओं की खूनी लड़ाइयां देखते थे। इन योद्धाओं को एक-दूसरे से और कई बार जंगली जानवरों के साथ भी लड़ाया जाता था।

इतिहासकारों के अनुसार यहां हजारों लोगों के सामने मौत तक की लड़ाइयां होती थीं, जो उस दौर में मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन थीं।

नीरो की झील पर बना था कोलोसियम

कोलोसियम उस जगह बनाया गया जहां कभी रोमन सम्राट Nero का विशाल महल और कृत्रिम झील हुआ करती थी। सम्राट Vespasian ने उस झील को हटाकर जनता के लिए यह भव्य संरचना बनवाई।

यह लगभग 189 मीटर लंबा और 156 मीटर चौड़ा है और इसमें करीब 50,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता थी।

दर्शकों के लिए थी विशाल छतरी

कोलोसियम में दर्शकों को धूप और बारिश से बचाने के लिए Velarium नाम की विशाल चलायमान छतरी लगाई जाती थी, जो उस समय की अद्भुत इंजीनियरिंग मानी जाती थी।

भूकंप और लूट से हुआ नुकसान

सदियों तक उपेक्षा, भूकंप और लूटपाट के कारण कोलोसियम को काफी नुकसान पहुंचा। इसकी संगमरमर की कई सजावटें और सीटें टूट गईं या चोरी हो गईं।

हालांकि 19वीं सदी से इसका संरक्षण शुरू हुआ और 1990 के दशक में बड़े स्तर पर पुनर्निर्माण किया गया।

हर साल आते हैं लाखों पर्यटक

आज कोलोसियम Italy का सबसे बड़ा पर्यटन आकर्षण है। यहां हर साल लगभग 70 लाख पर्यटक पहुंचते हैं और यह रोम की पहचान बन चुका है।

मोदी-मेलोनी दौरे का खास संदेश

PM मोदी और जॉर्जिया मेलोनी का कोलोसियम दौरा सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि भारत और Italy के मजबूत होते रिश्तों का भी प्रतीक माना जा रहा है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात रणनीतिक साझेदारी और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है।

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