वाराणसी। अर्थशास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ द्वारा गुरुवार को ‘युवा रोज़गार एवं सामाजिक क्षेत्र : विकसित भारत 2047 के वाहक’ विषयक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और संकल्प ही देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अग्रसर कर सकते हैं। उन्होंने समाज में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति तथा समुदाय को एक इकाई माना और सभी को अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने हेतु स्वतः प्रेरणा से कार्य करने हेतु प्रेरित भी किया। 

समावेशी विकास तथा नवाचार की आवश्यकता पर विशेष बल

मुख्य वक्ता अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के स्कूल ऑफ डेवलपमेंट की फैकल्टी डॉ. नीलांजना सेनगुप्ता ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब युवा शक्ति को सही दिशा, कौशल और अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं, समावेशी विकास तथा नवाचार की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह भी बताया कि विकसित भारत की संकल्पना के लिए हमें डिजिटल इकॉनमी, वोकेशनल ट्रेनिंग, शून्य गरीबी, खुलहाल जिंदगी, वित्तीय सशक्तिकरण, लघु, कुटीर एवं मध्यम उद्योग का सुविकसित विकास आदि को बढ़ाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि युवा केवल रोजगार के संवाहक नहीं, बल्कि परिवर्तन के सशक्त वाहक हैं। 

इन प्रमुख लोगों की रही उपस्थिति

स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. अंकिता गुप्ता, संचालन डॉ. उर्जस्विता सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. गंगाधर ने किया। इस अवसर पर प्रो. राजेश पाल, प्रो. राजीव कुमार, प्रो. हंसा जैन, प्रो. राकेश कुमार तिवारी, प्रो. शशिबाला, प्रो. के.के. सिंह, डॉ. सतीश, डॉ. अमरेंद्र सिंह, डॉ. अम्बरीष राय, डॉ. पारिजात सौरभ, अंजय, केतन, रिफत, मुकेश, जैनेन्द्र प्रिया, सोनल, अन्नपुर्णा, जूही, ज्योति, दिशा, दीक्षा, आकांक्षा, प्रियवदा आदि उपस्थित रहे।

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