इलाहाबाद |हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में बस्ती पुलिस की गंभीर लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बस्ती के पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह को चार घंटे तक अदालत में खड़ा रखा और कड़ी फटकार लगाई।

गलत तथ्यों के आधार पर न्यायालय में हलफनामा दाखिल करना गंभीर लापरवाही

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस अधिकारी के पास जिले की जिम्मेदारी होती है, उसे अपने अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के प्रति पूरी तरह सजग रहना चाहिए। गलत तथ्यों के आधार पर न्यायालय में हलफनामा दाखिल करना गंभीर लापरवाही है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने नरम रुख अपनाते हुए फिलहाल उनके खिलाफ कोई दंडात्मक आदेश नहीं किया पारित

मामले के दौरान एसपी ने अदालत से माफी मांगी। इस पर कोर्ट ने नरम रुख अपनाते हुए फिलहाल उनके खिलाफ कोई दंडात्मक आदेश पारित नहीं किया, लेकिन उन्हें कोर्ट के उठने तक उपस्थित रहने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भविष्य में किसी भी न्यायालय के समक्ष शपथ-पत्र दाखिल करते समय पूरी सावधानी और सत्यता बरती जाए।

एक युवती की हत्या से जुड़ा है मामला,

दरअसल, यह मामला एक युवती की हत्या से जुड़ा है, जिसमें बस्ती पुलिस द्वारा न्यायालय में गलत तथ्यों के साथ हलफनामा प्रस्तुत किया गया था। इसके अलावा समय पर रिपोर्ट भी दाखिल नहीं की गई थी, जिससे मामले की सुनवाई प्रभावित हुई।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी वे नहीं पाए गए,साक्ष्य

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी वे साक्ष्य नहीं पाए गए, जिनका उल्लेख पुलिस ने अपनी जांच में किया था। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया में इस तरह की लापरवाही न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की त्रुटि दोहराई नहीं जानी चाहिए और सभी संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ करना होगा।

 
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