वाराणसी।हरहुआ के गहनी आयर स्थित सरस्वती उच्च शिक्षा एवं तकनीकी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भव्य “नारी शक्ति पदयात्रा” का भव्य आयोजन किया गया।
300 छात्राओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को बनाया सफल व प्रभावशाली
बताते चलें कि इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लगभग 300 छात्राओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल और प्रभावशाली बना दिया।
छात्राओं को समाज में अपनी भूमिका को समझने और सशक्त बनने के लिए किया प्रेरित
इस अवसर पर डॉ० ज्ञान्ती सिंह, डॉ० कुसूमलता सिंह, डॉ० पुष्पा मिश्रा, डॉ० तृप्ति सिंह, रानी पाण्डेय, डॉ० रूबी, डॉ० श्वेता प्रसन्ना संत एवं सुश्री अदिति सिंह सहित समस्त संकाय की उपस्थिति रही। सभी ने मिलकर छात्राओं को समाज में अपनी भूमिका को समझने और सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया।
छात्राओं ने जागरूकता के संदेश वाले बैनर और पोस्टर लेकर पदयात्रा में लिया भाग
कार्यक्रम के अंतर्गत नारी शक्ति पदयात्रा निकाली गई, जिसमें छात्राओं ने जागरूकता के संदेश वाले बैनर और पोस्टर लेकर भाग लिया। साथ ही साथ ही मानव श्रृंखला बनाकर एकजुटता और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। कक्षाओं में प्रोजेक्टर के माध्यम से महिलाओं के अधिकार, शिक्षा और सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों और महिलाओं के प्रति भेदभाव पर प्रहार
ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता फैलाने के लिए बैनर के माध्यम से अभियान चलाया गया, जिससे लोगों को महिलाओं के अधिकारों और उनके महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके। इसके अलावा नाटक (नुक्कड़ नाटक) के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों और महिलाओं के प्रति भेदभाव पर प्रहार किया गया, जिसे लोगों ने काफी सराहा।
महिलाएं हर चुनौती का सामना करने में सक्षम
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आज की नारी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। वह समाज के हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है और हर चुनौती का सामना करने के लिए सक्षम है। नारी शक्ति देश के विकास की आधारशिला है और भारत के निर्माण में उसकी सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
किस तरह के कार्यक्रम को निरंतर जारी रखने का संकल्प
अंत में महाविद्यालय परिवार ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।
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