वाराणसी --श्री अग्रसेन कन्या पीजी कालेज बुलानाला वाराणसी परिसर में गुरुवार को महिला अध्ययन केंद्र एवं मिशन शक्ति के संयुक्त तत्वाधान में नारी शक्ति बंदन अधिनियम- 2023 के अंतर्गत नारी शक्ति पदयात्रा का आयोजन किया गया। 

महाविद्यालय में चलाया गया हस्ताक्षर अभियान

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं और समाज को महिला आरक्षण और उनके राजनीतिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसके पश्चात छात्राओं एवं प्राध्यापकों द्वारा पदयात्रा निकाली गई। जिसमें छात्राओं द्वारा पोस्टर और नारों के माध्यम से आमजन को नारी शक्ति बंदन अधिनियम के बारे में जानकारी दी गई। 

शक्ति बंदन अधिनियम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने व सशक्तिकरण में मील का पत्थर

प्रो. आकाश ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति बंदन अधिनियम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और महिला सशक्तिकरण में मील का एक पत्थर है। इससे महिलाओं के निर्णय लेने की भूमिका ही मजबूत नहीं होगी बल्कि नीति निर्माण में भी वे समान भागीदार बनेगी। 

पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी

महिला अध्ययन केंद्र के समन्वयक डा. श्रृंखला ने कहा कि नारी शक्ति बंदन अधिनियम का उद्देश्य लोकसभा, विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% सीट आरक्षित करके राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। यह महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक कदम है जो पंचायत से लेकर संसद तक उनकी भागीदारी को सशक्त बनाएंगी और वह सशक्त राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।

अधिनियम से महिलाएं नीति निर्माण और निर्णय की प्रक्रिया में सीधे हो सकेंगी शामिल

डा. बन्दनी ने कहा कि इस अधिनियम से महिलाएं नीति निर्माण और निर्णय की प्रक्रिया में सीधे शामिल हो सकेंगी। यह एक ऐसा कदम है जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर, सशक्त और नेतृत्व कर्ता की भूमिका में होंगी।इस पदयात्रा में डा.पूनम राय,डा. नन्दिनी पटेल,डा.सोनम चौधरी, डा.सुनीता सिंह,डा.प्रतिमा त्रिपाठी ,डा.धनंजय सहाय समेत अनेक प्राध्यापकगण व सैकड़ों की संख्या में छात्रायें शामिल रहीं।

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