वाराणसी| महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के हिंदी पत्रकारिता संस्थान में भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित हुई। वक्ताओं ने महापुरुषों को जातियों में बांटने की प्रवृत्ति को समाज के लिए हानिकारक बताया। युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाकर समाज को एकजुट करने और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा का आह्वान किया गया।
डॉ. भगवान दास केंद्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में संपन्न हुआ राष्ट्रीय संगोष्ठी
बताते चले की महामना मदन मोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ द्वारा भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के अवसर पर ‘आध्यात्मिकता के संचारवेत्ता: भगवान परशुराम’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. भगवान दास केंद्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में संपन्न हुआ।
समाज में महापुरुषों को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना अत्यंत आवश्यक
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अभय जी, क्षेत्रीय धर्म जागरण प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि समाज में महापुरुषों को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम और क्षत्रियों को लेकर समाज में गलत धारणाएं फैलाई गई हैं, जो समाज को विभाजित करने का कार्य करती हैं। उन्होंने लोगों से सतत सीखने और सत्य को समझने की प्रवृत्ति विकसित करने का आह्वान किया।
परशुराम जयंती केवल उत्सव नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का अवसर
विशिष्ट अतिथि सत्यानंद यति जी महाराज, पीठाधीश्वर मौनीबाबा पीठ ने कहा कि महापुरुषों को जातियों में बांटना समाज के लिए अत्यंत हानिकारक है। उन्होंने कहा कि परशुराम जयंती केवल उत्सव नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का अवसर है। उन्होंने युवाओं से धर्म, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।सारस्वत अतिथि प्रो. राकेश तिवारी, प्रांत सह कार्यवाह, आरएसएस ने कहा कि महापुरुष किसी एक वर्ग या जाति के नहीं होते, बल्कि पूरे समाज के मार्गदर्शक होते हैं और उनके विचार सभी के लिए समान रूप से प्रेरणादायक हैं।
महापुरुषों को अपना आदर्श बनाने और समाज को एकजुट करने का आह्वान
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने युवाओं से महापुरुषों को अपना आदर्श बनाने और समाज को एकजुट करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कारों के मार्ग पर चलकर ही एक सशक्त समाज का निर्माण संभव है।कार्यक्रम में स्वागत भाषण युवराज पाण्डेय ने दिया, जबकि संचालन पूर्व छात्रसंघ महामंत्री समीर मिश्र ने किया। धन्यवाद ज्ञापन चंद्रसेन द्वारा किया गया।इस अवसर पर अरविंद शुक्ला सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, प्रबुद्धजन और छात्रनेता उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाया।
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