खबरीलाल न्यूज़ डेस्क 

वाराणसी।केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की प्रक्रिया को रोककर विपक्ष ने नारी शक्ति के साथ छल किया है।

ऐतिहासिक विधेयक को आगे बढ़ने से रोकने के बाद विपक्ष द्वारा जश्न मनाना महिलाओं के सम्मान के खिलाफ

सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक विधेयक को आगे बढ़ने से रोकने के बाद विपक्ष द्वारा जश्न मनाना महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश की महिलाएं इस अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेंगी और समय आने पर इसका जवाब देंगी।

131वां संविधान संशोधन विधेयक, 2026 विशेष रूप से महत्वपूर्ण-अर्जुन राम मेघवाल

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद के विशेष सत्र में तीन प्रमुख विधेयकों पर व्यापक चर्चा हुई, जिनमें 131वां संविधान संशोधन विधेयक, 2026 विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करना है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए जनगणना और परिसीमन आवश्यक है, जो कोविड-19 के कारण समय पर नहीं हो सका, जिससे इसमें विलंब हुआ।

लोकसभा की सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की योजना

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाने का प्रस्ताव लेकर आई । जिसमें लोकसभा की सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की योजना है। इसके साथ ही दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में सीटों के पुनर्गठन का भी प्रस्ताव है।

विपक्षी दलों के बीच सहमति का अभाव

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस विषय पर विपक्षी दलों के बीच सहमति का अभाव रहा। समाजवादी पार्टी द्वारा धर्म आधारित आरक्षण की मांग, डीएमके द्वारा दक्षिण भारत के राज्यों के प्रतिनिधित्व पर चिंता तथा कांग्रेस द्वारा परिसीमन प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने के कारण राजनीतिक सहमति नहीं बन सकी, जिससे यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।

केंद्र सरकार महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और महिला आरक्षण बिल इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके लागू होने से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी तथा नीति निर्माण में उनकी भूमिका और सशक्त होगी।

इन लोगों की रही उपस्थिति 

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. सीमा द्विवेदी ने भी प्रेस को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा विनीता सिंह, अशोक कुमार पाण्डेय एवं प्रमील पाण्डेय उपस्थित रहे।

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