खबरीलाल न्यूज़ डेस्क 

केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक जड़ों को मजबूत करने में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और आज इन पंचायतों की आत्मा देश की महिलाएं बन चुकी हैं। 73वें संविधान संशोधन के बाद पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा मिलने से लोकतंत्र को गांव-गांव तक नई मजबूती मिली है|

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंचायती राज व्यवस्था को मिली  नई दिशा और ऊर्जा

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंचायती राज व्यवस्था को नई दिशा और ऊर्जा मिली है, जिससे ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य साकार करने में ग्राम पंचायतें अहम भूमिका निभा रही हैं। देश की 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतें लगभग 64 प्रतिशत आबादी की जीवनरेखा हैं।

पंचायती राज संस्थाएं महिलाओं के लिए नेतृत्व की सबसे बड़ी पाठशाला

नारी नेतृत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं महिलाओं के लिए नेतृत्व की सबसे बड़ी पाठशाला बन चुकी हैं। देश में 32 लाख से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधियों में लगभग आधी भागीदारी महिलाओं की है। 21 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत तक आरक्षण दिया गया है, जिससे जमीनी स्तर पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है।

सशक्त पंचायत नेत्री अभियान’ और ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का उल्लेख

उन्होंने ‘सशक्त पंचायत नेत्री अभियान’ और ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि ये पहलें महिलाओं को न केवल नेतृत्व के लिए तैयार कर रही हैं, बल्कि उन्हें संसद और विधानसभाओं तक पहुंचाने का मार्ग भी प्रशस्त कर रही हैं।

पंचायतों को दिया गया,4.35 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन

वित्तीय सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि 16वें वित्त आयोग द्वारा 2026-31 के लिए 4.35 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन पंचायतों को दिया गया है, जो उनकी कार्यक्षमता और विकास योजनाओं को मजबूती देगा।

‘ई-ग्राम स्वराज’ जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऑनलाइन लेनदेन

डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में ‘ई-ग्राम स्वराज’ जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऑनलाइन लेनदेन किया जा चुका है। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। साथ ही ‘सभासार’ जैसी एआई आधारित पहल के माध्यम से ग्राम सभाओं की कार्यवाही अब 23 भाषाओं में दर्ज की जा रही है, जिससे जनभागीदारी बढ़ी है।

ड्रोन सर्वे के माध्यम से 3.30 लाख गांवों में संपत्ति सर्वे पूरा

उन्होंने ‘स्वामित्व योजना’ का जिक्र करते हुए बताया कि ड्रोन सर्वे के माध्यम से 3.30 लाख गांवों में संपत्ति सर्वे पूरा कर 3.13 करोड़ से अधिक संपत्ति कार्ड तैयार किए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक सशक्तिकरण का नया आधार मिला है।

विकसित भारत 2047’ केवल आर्थिक लक्ष्य नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, पर्यावरणीय संतुलन और समावेशी विकास का संकल्प

अंत में उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ केवल आर्थिक लक्ष्य नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, पर्यावरणीय संतुलन और समावेशी विकास का संकल्प है। पंचायतों में बढ़ती महिला भागीदारी, डिजिटल क्रांति और वित्तीय सशक्तिकरण मिलकर नए भारत की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।

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