खबरीलाल न्यूज़ डेस्क
वाराणसी।VDA पुर्ण बोरा के निर्देशानुसार डॉ0 वेद प्रकाश मिश्रा द्वारा वाराणसी जोन-३, वार्ड- दशाश्वमेध में निरिक्षण के दौरान 5 भवनों बिना नक्शा पास कराये अवैध निर्माण किया जा रहा था, जिसके विरुद्ध उ०प्र० नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धारा-27 व धारा 28 (।) 28 (।।) सील की कार्यवाही सम्पादित की गयी और सम्बन्धित थाने की अभिरक्षा में सुपुर्द किया गया।मौके पर जोनल अधिकारी श्री प्रकाश व प्रवर्तन टीम उपस्थित रही l
सील बंद कराये गये निर्मार्णो का विवरण
वार्ड- दशाश्वमेध के अन्तर्गत धर्मेन्द कुमार सिंह, आराजी संख्या -487, मौजा- केराकतपुर में क्षेत्रफल में बी+जी+2 तलों के विपरीत बी+जी+3 का निर्माण पर अवैध निर्माण कार्य किये जाने पर उ०प्र० नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धारा-27 व धारा 28 (।) 28 (।।) भवन को सील किया गया।
वार्ड- दशाश्वमेध के अन्तर्गत हिरा लाल यादव, मौजा-मण्डुवाडीह, (जी+3) के विपरीत सेटबैक कवर करते हुए निर्माण कराया जाने पर उ०प्र० नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धारा-27 व धारा 28 (।) 28 (।।) भवन को सील किया गया।
वार्ड- दशाश्वमेध के अन्तर्गत दीपक गुप्ता, मौजा-लोहता बाजार में 40 वर्गमीटर के क्षेत्रफल में भूतल पर सटरिंग का कार्य कराया जा रहा था, जिसे बंद कराते हुए विपरीत सेटबैक कवर करते हुए निर्माण कराया जाने पर उ०प्र० नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धारा-27 व धारा 28 (।) 28 (।।) भवन को सील किया गया।
वार्ड- दशाश्वमेध के अन्तर्गत धीरज सिंह, मौजा-केराकतपुर में 250 वर्गमीटर के क्षेत्रफल में जी+2 तलों का छत ढालते हुए तृतीय तल पर सटरिंग का कार्य कराया जा रहा था, जिसे बंद कराते हुए उ०प्र० नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धारा-27 व धारा 28 (।) 28 (।।) भवन को सील किया गया।
वार्ड- दशाश्वमेध के अन्तर्गत अज्ञात, मौजा-केराकतपुर में 200 वर्गफिट के क्षेत्रफल में स्टील्ट+3 तलों का निर्माण कार्य किया जा रहा था जिसे बंद कराते हुए उ०प्र० नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धारा-27 व धारा 28 (।) 28 (।।) भवन को सील किया गया।
VDA उपाध्यक्ष का आमजन से अपील
VDAउपाध्यक्ष द्वारा आम जन मानस से अपील की गयी है कि वाराणसी विकास प्राधिकरण से ले-आउट स्वीकृत प्लॉट ही खरीदें तथा मानचित्र स्वीकृत कराये बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न करें अन्यथा की स्थिति में प्राधिकरण द्वारा सख्त कार्यवाही की जायेगी।
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