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वाराणसी | प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा देश के सर्वाधिक दीर्घकाल तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में स्थापित की गई ऐतिहासिक उपलब्धि केवल एक राजनीतिक पड़ाव नहीं है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र की शक्ति, जन-आस्था की दृढ़ता और राष्ट्र के विकास के प्रति जनता की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।

लोकतान्त्रिक जनविश्वास, विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का स्वर्णिम अध्याय— प्रो॰ बिहारी लाल शर्मा

यह उपलब्धि विशेष रूप से काशीवासियों के लिए भी गौरव का विषय है, क्योंकि प्रधानमंत्री जी वर्ष 2014 से विश्व की प्राचीनतम जीवित नगरी काशी का लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते हुए उसके सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विकासात्मक पुनर्जागरण के संवाहक बने हैं।सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि मैं एक शिक्षाविद् के रूप में प्रधानमंत्री जी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ अर्पित करता हूँ। उनके नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन, सांस्कृतिक आत्मविश्वास और वैश्विक प्रतिष्ठा के ऐसे नए आयाम स्थापित किए हैं, जिन्होंने राष्ट्र के भविष्य को नई दिशा प्रदान की है।

बारह वर्षों में भारत ने आर्थिक, तकनीकी, सामरिक और सामाजिक क्षेत्रों में की उल्लेखनीय प्रगति

कुलपति प्रो शर्मा ने कहा कि पिछले बारह वर्षों में भारत ने आर्थिक, तकनीकी, सामरिक और सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में भारत की सुदृढ़ उपस्थिति, डिजिटल क्रान्ति के माध्यम से प्रशासनिक पारदर्शिता, आधारभूत संरचना के अभूतपूर्व विस्तार, गरीब कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प ने देश को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान किया है। जनधन, डिजिटल भुगतान प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया और कौशल विकास जैसी पहलों ने करोड़ों नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंचों पर भी अपनी प्रभावशाली दर्ज कराई उपस्थिति

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंचों पर भी अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। आज भारत केवल विश्व की एक बड़ी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि मानवता, पर्यावरण, शान्ति और सतत विकास के प्रश्नों पर नेतृत्वकारी भूमिका निभाने वाला राष्ट्र बनकर उभरा है। जी-20 की सफल अध्यक्षता तथा ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भारतीय अवधारणा को वैश्विक विमर्श के केन्द्र में स्थापित करना इसकी महत्वपूर्ण उपलब्धियों में सम्मिलित है।

प्राचीन सांस्कृतिक नगरी के पुनरोत्थान में जो योगदान

काशी के सांसद के रूप में  प्रधानमंत्री जी ने इस प्राचीन सांस्कृतिक नगरी के पुनरोत्थान में जो योगदान दिया है, वह अभूतपूर्व है। काशी विश्वनाथ धाम का भव्य पुनर्विकास, गंगा तटों का सौन्दर्यीकरण, आधुनिक आधारभूत संरचना का विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों का विस्तार तथा नगरीय सुविधाओं के उन्नयन ने काशी को विश्वस्तरीय पहचान प्रदान की है। आज काशी एक ओर अपनी सनातन आध्यात्मिक विरासत को अक्षुण्ण रखे हुए है, तो दूसरी ओर आधुनिक विकास और नवाचार का भी सशक्त केन्द्र बनकर उभरी है।

भारतीय ज्ञान-परम्परा के संवर्धन के क्षेत्र में माननीय प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता उल्लेखनीय

विशेष रूप से संस्कृत, भारतीय भाषाओं और भारतीय ज्ञान-परम्परा के संवर्धन के क्षेत्र में माननीय प्रधानमंत्री जी की प्रतिबद्धता उल्लेखनीय रही है। नई शिक्षा नीति–2020 में भारतीय भाषाओं, पारम्परिक ज्ञान-विज्ञान, अनुसंधान और भारतीयता पर आधारित शिक्षा-दृष्टि को जो महत्त्व प्रदान किया गया है, वह भारतीय शिक्षा के इतिहास में एक मील का पत्थर है। संस्कृत शिक्षा एवं शोध संस्थानों को प्राप्त प्रोत्साहन ने भारतीय ज्ञान परम्परा को पुनः राष्ट्रीय और वैश्विक विमर्श के केन्द्र में स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है।

वर्तमान समय भारतीय ज्ञान-परम्परा के पुनर्जागरण का कालखंड

यह विश्वविद्यालय, वाराणसी, जो भारतीय ज्ञान-विज्ञान, संस्कृत अध्ययन और सांस्कृतिक चेतना का एक प्रतिष्ठित केन्द्र है, इस बात का अनुभव करता है कि वर्तमान समय भारतीय ज्ञान-परम्परा के पुनर्जागरण का कालखंड है। यह पुनर्जागरण केवल अतीत के गौरव का स्मरण नहीं, बल्कि भविष्य के भारत के निर्माण का भी आधार है। 

भारत विकसित राष्ट्र के रूप में अपने लक्ष्य की ओर निरन्तर अग्रसर

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की यह ऐतिहासिक उपलब्धि देशवासियों के विश्वास, परिश्रम और राष्ट्रीय संकल्प की भी उपलब्धि है। हम कामना करते हैं कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र के रूप में अपने लक्ष्य की ओर निरन्तर अग्रसर रहे तथा ज्ञान, संस्कृति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और मानवीय मूल्यों के क्षेत्र में विश्व का मार्गदर्शक बने।काशी की पुण्यभूमि तथा सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय परिवार की ओर से प्रधानमंत्री जी को हार्दिक बधाई, अभिनन्दन एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाएँ।

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