Khabarilaal News Desk :
इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एंटी करप्शन टीम ने स्वास्थ्य विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए डिप्टी CMO श्रीनिवास को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद CMO कार्यालय में हड़कंप मच गया और पूरे स्वास्थ्य विभाग में इस मामले की चर्चा शुरू हो गई।
सेंटर संचालन की अनुमति के नाम पर मांगी थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक सेंटर के संचालन की अनुमति देने के एवज में डिप्टी CMO पर 5 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायतकर्ता और अधिकारी के बीच बातचीत के बाद कथित रूप से 3.5 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।
ढाई लाख रुपये लेते ही दबोचा
एंटी करप्शन और विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि जैसे ही आरोपी अधिकारी ने ढाई लाख रुपये की रकम स्वीकार की, टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
CMO कार्यालय में मचा हड़कंप
कार्रवाई के बाद CMO कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारी और अधिकारी पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा करते रहे। विजिलेंस टीम ने आवश्यक दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की भी जांच शुरू कर दी है।
संपत्ति की जांच की उठी मांग
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर यह मांग भी उठ रही है कि आरोपी अधिकारी की संपत्तियों और आय के स्रोतों की विस्तृत जांच कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए जाते हैं तो उनकी चल-अचल संपत्तियों की भी जांच होनी चाहिए।
जांच जारी
विजिलेंस और एंटी करप्शन टीम आरोपी अधिकारी से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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