वाराणसी। फुलपुर थाना क्षेत्र के मंगारी बाजार में एक बुजुर्ग महिला की लाश कमरे में मिली स्थानीय लोगों की माने तो बेटे की उपेक्षा के चलते बुजुर्ग महिला हमेशा मानसिक तनाव में रहती थी। सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया। 

जानकारी के अनुसार 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला शांति देवी के तीन बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा अशोक चौरसिया, मझला बेटा धनश्याम चौरसिया, छोटा बेटा मनोज चौरसिया और सबसे छोटी संतान मुन्ना देवी हैं। सभी की शादी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि शांति देवी पिछले कुछ समय से छोटे बेटे मनोज चौरसिया के घर रह रही थीं।

परिवार के लोगों का कहना है कि बीते करीब दो वर्षों से घर के भीतर चल रहे पारिवारिक तनाव और आपसी मनमुटाव से शांति देवी काफी परेशान रहती थीं। मझला बेटा धनश्याम चौरसिया इस समय शांति देवी को खाना खिलाता था । 

परिजनों का मानना है कि लगातार मानसिक पीड़ा और तनाव को वह सहन नहीं पाईं और शनिवार सुबह जब परिजनों ने कमरे में जाकर देखा तो शांति देवी मृत अवस्था में पड़ी थीं। सूचना मिलते ही फूलपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।

फूलपुर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर ली है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रथम दृष्टया मामला मानसिक तनाव से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। 

बुजुर्ग महिला की मौत से एक बार फिर परिवार में बुजुर्गों की उपेक्षा का प्रश्न उठने लगा और घटना को लोग बुजुर्ग महिला की बेटो के द्वारा उपेक्षा और प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर मौत को गले लगाने की तो कोई हार्ट अटैक से मौत होने की बात कह रहा था। शांति देवी की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और लोग इसे परिवारिक रिश्तों में बढ़ती दूरी का दर्दनाक उदाहरण मान रहे हैं।

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