Khabrilaal News Desk :
गाजीपुर के करंडा ब्लॉक स्थित कटरिया ग्राम पंचायत में हुए निशा विश्वकर्मा हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं को वाराणसी में रोक दिया गया। बाबतपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जबकि कई अन्य नेताओं को शहर के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।
एयरपोर्ट पर प्रतिनिधिमंडल को रोका गया
कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल गाजीपुर जाने के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचा था, जिसमें ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद, अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र गौतम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू, राज्यसभा सांसद कर्मवीर सिंह बौद्ध, राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र बघेल और सुभाषिनी यादव सहित कई नेता शामिल थे। इन सभी को एयरपोर्ट के अंदर ही रोक लिया गया।
एयरपोर्ट से स्थानीय नेताओं की भी गिरफ्तारी
वहीं बाबतपुर एयरपोर्ट के पास से महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल और ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव को गिरफ्तार कर सिंधौरा थाने ले जाया गया। अन्य वरिष्ठ नेताओं को बड़ागांव थाने में रखा गया।
नजरबंदी और रोक-टोक का नेताओ ने लगाया आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने एक दिन पहले से ही कई नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया था और जगह-जगह रोककर गाजीपुर जाने से रोका गया। एयरपोर्ट पर भारी पुलिस बल तैनात कर प्रतिनिधिमंडल को आगे बढ़ने नहीं दिया गया।
सरकार पर लोकतंत्र दबाने का आरोप
महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार से मिलना भी अब अपराध बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
कानून व्यवस्था पर उठाए गये सवाल
कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बेटियां असुरक्षित हैं और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। जब विपक्ष न्याय की मांग करता है तो उसे दबाने की कोशिश की जाती है।
संघर्ष जारी रखने की चेतावनी
कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह निशा विश्वकर्मा के परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी और इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाया जाएगा।

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