Khabarilaal News Desk :
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बुधवार को सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों और किसानों के लिए संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष लगभग 110 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और इसके लिए बीज एवं उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है।
110 लाख हेक्टेयर में होगी खरीफ फसलों की बुवाई
कृषि मंत्री ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में लगभग 69 लाख हेक्टेयर में धान, 5.58 लाख हेक्टेयर में मक्का, 3.20 लाख हेक्टेयर में ज्वार, 9.75 लाख हेक्टेयर में बाजरा, 11.69 लाख हेक्टेयर में दलहन, 10.80 लाख हेक्टेयर में तिलहन तथा 42 हजार हेक्टेयर में श्रीअन्न की खेती प्रस्तावित है।
इसके लिए किसानों को 1.96 लाख क्विंटल बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही हरी खाद के लिए 28 हजार क्विंटल ढैंचा बीज तथा दलहन, तिलहन एवं श्रीअन्न के 5.62 लाख मिनीकिट निःशुल्क वितरित किए जाएंगे।
ई-लॉटरी के माध्यम से मिलेगा बीज
बीज वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से इस बार कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले सभी बीज ऑनलाइन बुकिंग और ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किसानों को दिए जाएंगे।
मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कर समय से बीज प्राप्त करें और योजनाओं का लाभ उठाएं।
उर्वरकों की कोई कमी नहीं
सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं। प्रदेश में कुल 29.81 लाख मीट्रिक टन अनुदानित उर्वरक का भंडार मौजूद है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 14.84 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 5.11 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.81 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 1.03 लाख मीट्रिक टन एमओपी तथा 4.02 लाख मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। किसानों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
दलहन, तिलहन और श्रीअन्न पर विशेष जोर
कृषि मंत्री ने बताया कि मौसमीय परिस्थितियों और सुपर एलनीनो की संभावनाओं को देखते हुए इस बार दलहनी, तिलहनी तथा श्रीअन्न फसलों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
इसी क्रम में किसानों को 40 हजार क्विंटल मूंगफली बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा ताकि तिलहनी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाया जा सके।
एग्रीज परियोजना से 28 जिलों को लाभ
प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि विश्व बैंक की सहायता से संचालित उत्तर प्रदेश एग्रीज परियोजना के तहत प्रदेश के 28 जिलों में लगभग 4000 करोड़ रुपये की लागत से कृषि विकास कार्य किए जा रहे हैं।
योजना के अंतर्गत वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही सहित 28 जिलों के 123 विकास खंडों और 3667 ग्राम पंचायतों में किसानों को निःशुल्क बीज, कृषि निवेश, मृदा परीक्षण, हरी खाद तथा आधुनिक कृषि तकनीक उपलब्ध कराई जा रही है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार संतुलित उर्वरक उपयोग के साथ-साथ नेचुरल फार्मिंग को भी बढ़ावा दे रही है, जिससे मृदा स्वास्थ्य और मानव स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रह सकें। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाने और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया।
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