Khabarilaal News Desk :

जकार्ता। दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामक गतिविधियों के बीच इंडोनेशिया अपनी सैन्य क्षमताओं को तेजी से मजबूत करने में जुटा है। भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बाद अब इंडोनेशिया ने दक्षिण कोरिया के उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम चियोंगुंग-II (Cheongung-II) की खरीद की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

दक्षिण कोरिया की कंपनी को जारी किया लेटर ऑफ इंट्रेस्ट

इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय की लॉजिस्टिक्स एजेंसी ने 18 मई 2026 को चियोंगुंग-II सिस्टम निर्माता दक्षिण कोरियाई कंपनी LIG Nex1 की सहायक इकाई को औपचारिक लेटर ऑफ इंट्रेस्ट (LOI) जारी किया है।

हालांकि यह अभी अंतिम खरीद समझौता नहीं है, लेकिन इससे संकेत मिलता है कि इंडोनेशिया अपने मध्यम दूरी के एयर डिफेंस नेटवर्क को मजबूत करने के लिए गंभीर है।

क्या है चियोंगुंग-II सिस्टम?

चियोंगुंग-II दक्षिण कोरिया का उन्नत मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MSAM) सिस्टम है, जिसे KM-SAM Block-II भी कहा जाता है।

यह सिस्टम—

  • लड़ाकू विमानों

  • क्रूज मिसाइलों

  • बैलिस्टिक मिसाइलों

  • ड्रोन

  • लोइटरिंग म्यूनिशन

को इंटरसेप्ट करने में सक्षम माना जाता है।

96 प्रतिशत इंटरसेप्शन रेट का दावा

रिपोर्टों के अनुसार चियोंगुंग-II ने मध्य पूर्व में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के खिलाफ लगभग 96 प्रतिशत इंटरसेप्शन सफलता दर दर्ज की है।

इस सिस्टम की प्रमुख विशेषताएं हैं—

  • 360 डिग्री मल्टी-फंक्शन रडार

  • वर्टिकल कोल्ड लॉन्च सिस्टम

  • सभी दिशाओं से आने वाले खतरों पर निगरानी

  • बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल रोधी क्षमता

डील में क्या-क्या शामिल?

प्रस्तावित पैकेज में—

  • एंगेजमेंट कंट्रोल स्टेशन

  • मल्टी-फंक्शन रडार

  • वर्टिकल लॉन्च सिस्टम

  • ट्रांसपोर्टर-इरेक्टर-लॉन्चर

  • मिसाइल ट्रांसलोडर वाहन

  • स्पेयर पार्ट्स

  • तकनीकी दस्तावेज

  • लॉजिस्टिक सपोर्ट

  • टेक्नोलॉजी ट्रांसफर

शामिल हैं।

चीन की गतिविधियों से बढ़ी चिंता

इंडोनेशिया लंबे समय से दक्षिण चीन सागर में चीन की समुद्री गतिविधियों को लेकर चिंतित रहा है। इसके अलावा Malacca Strait और Sunda Strait जैसे अहम समुद्री मार्गों की सुरक्षा भी उसके लिए बड़ी चुनौती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन जलमार्गों में किसी प्रकार की सैन्य या रणनीतिक बाधा उत्पन्न होती है तो पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के व्यापार और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

ब्रह्मोस और चियोंगुंग-II से मजबूत होगी सुरक्षा

इंडोनेशिया पहले ही भारत की BrahMos Missile खरीदने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। अब चियोंगुंग-II जैसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम को शामिल कर वह बहुस्तरीय रक्षा ढांचा तैयार करना चाहता है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों प्रणालियों के शामिल होने से इंडोनेशिया की समुद्री और हवाई सुरक्षा क्षमता में बड़ा इजाफा होगा तथा क्षेत्र में उसकी सामरिक स्थिति और मजबूत होगी।

DESK REPORTER – CHANDAN KUMAR

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