वाराणसी। माहेश्वरी महिला संगठन की ओर से "गणगौर का बिंदोरा उत्सव" बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ महमूरगंज स्थित निवेद निवेदिता सेवा शिक्षा सदन में मनाया गया। सुहाग, सौभाग्य और संस्कृति के इस पावन पर्व पर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत गणगौर माता और ईसर जी के पारंपरिक गीतों से हुई “कठे सूं आई गोरा, कठे सूं आया ईसर…,"गोर ए गणगौर माता खोल किवाड़ी पूजन दो गणगौर.जैसे मधुर गीतों की स्वर लहरियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और आनंदमय बना दिया।संगीता मुंदड़ा और अनीता डागा ने अंताक्षरी के माध्यम से गणगौर के गीतों की शानदार महफिल सजाई, जिसमें समाज की महिलाओं ने एक से बढ़कर एक सुंदर और मधुर गीतों की प्रस्तुति दी।
इस दौरान शशि नेवर, भारती करवा, सुधा भूराडिया, अलका बाहेती, मंजू राठी, लक्ष्मी लड्ढा, सुनीता राठी, प्रज्ञा बजाज, राजश्री सोमानी, संतोष सारड़ा, निधि सारड़ा, पुष्पा माहेश्वरी महिला संगठन की ओर से गणगौर का बिंदोरा उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया।
माहेश्वरी परिषद के अध्यक्ष दीपक माहेश्वरी एवं प्रचार मंत्री गौरव राठी ने संयुक्त रूप से शुभकामनाएं देते हुए आगामी होने वाले "गणगौर सिंधारा उत्सव एवं शोभायात्रा" में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की!पूरे कार्यक्रम में उत्साह, भक्ति और पारंपरिक संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली, जिससे उपस्थित सभी महिलाओं ने आनंद और उल्लास का अनुभव किया।

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