Khabarilaal News Desk
वाराणसी। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा वाराणसी के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की तस्वीर बदली है और बीते 12 वर्षों में ऐतिहासिक विकास एवं जनहितकारी कार्यों ने भारत को नई दिशा दी है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और केंद्र व राज्य सरकारें उसी विजन के अनुरूप कार्य कर रही हैं।
काशी का हुआ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण
सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में काशी ने अपनी प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ विश्व मंच पर स्थापित किया है। श्री काशी विश्वनाथ धाम परियोजना, नमामि गंगे अभियान, पंचकोशी परिक्रमा मार्ग विकास और सारनाथ के पर्यटन विस्तार ने वाराणसी को नई पहचान दिलाई है।
उन्होंने बताया कि पंचकोशी मार्ग चौड़ीकरण पर लगभग 97 करोड़ रुपये और धार्मिक एवं पर्यटन विकास कार्यों पर करीब 39.30 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा 42 धर्मशालाओं, घाटों, तालाबों और तीर्थ स्थलों का विकास किया गया है।
36 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं हुईं पूरी
प्रभारी मंत्री ने बताया कि बीते 12 वर्षों में वाराणसी में 36,211 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 536 बड़ी परियोजनाएं पूरी कर जनता को समर्पित की गई हैं। इनमें सड़क, सेतु, पेयजल, सीवरेज, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन, नगर विकास और पुलिस कल्याण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त लगभग 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न परियोजनाओं पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना में ऐतिहासिक बदलाव
उन्होंने बताया कि जनपद में 22,829 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 127 सड़क और सेतु परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। रिंग रोड, फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार ने वाराणसी की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है।
साथ ही रेलवे, एयरपोर्ट और जलमार्ग परियोजनाओं पर भी हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिससे वाराणसी पूर्वांचल के प्रमुख परिवहन और लॉजिस्टिक हब के रूप में उभरकर सामने आया है।
स्मार्ट सिटी और आधुनिक सुविधाओं से बदली काशी
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 877 करोड़ रुपये की लागत से 34 परियोजनाएं पूरी की गई हैं। इनमें इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, 720 स्थानों पर सीसीटीवी नेटवर्क, सिगरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, टाउन हॉल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा पेयजल, सीवरेज और विद्युत क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर सुधार किए गए हैं।
स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल क्षेत्र में हुआ व्यापक विस्तार
सुरेश खन्ना ने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में 1,870 करोड़ रुपये से अधिक की 43 परियोजनाएं पूरी की गई हैं। इनमें कैंसर इंस्टीट्यूट, होमी भाभा कैंसर अस्पताल, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
वहीं शिक्षा क्षेत्र में 512 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी हुई हैं, जबकि खेल क्षेत्र में सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम, शूटिंग रेंज और छात्रावासों का निर्माण कराया गया है।
महिलाओं, किसानों और युवाओं को मिला सशक्तिकरण
प्रभारी मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत लाखों किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। महिला स्वयं सहायता समूहों को 152 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई और 59 हजार से अधिक महिलाएं "लखपति दीदी" बनी हैं।
इसके साथ ही ओडीओपी, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा और मुद्रा योजना के माध्यम से बुनकरों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक मजबूती मिली है।
विकास का राष्ट्रीय मॉडल बन चुकी है काशी
सुरेश खन्ना ने कहा कि वाराणसी की जीडीपी वर्ष 2017 के 22,586 करोड़ रुपये से बढ़कर 56,900 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि विरासत और विकास के संतुलित मॉडल के रूप में काशी आज पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुकी है। आधुनिक आधारभूत संरचना, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत कानून व्यवस्था और तीव्र आर्थिक विकास ने वाराणसी को नए भारत का प्रतीक बना दिया है।
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