काठमांडू। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने नेपाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर किया है। 5 मार्च 2026 को नेपाल में हुए आम चुनाव में आरएसपी को बड़ी जीत हासिल हुई है। संसदीय चुनावों में इस बार राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली के तहत 165 सीटों में से 125 सीटें जीतकर पार्टी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।
35 वर्षीय बालेन्द्र शाह एक रैपर के रूप में पहचाने जाते रहे,लेकिन अब वह नेपाल के अगले प्रधानमंत्री के रूप में आरएसपी के प्रमुख दावेदार के रूप में जाने जा रहे हैं। बालेन्द्र शाह ने पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली को उनके ही गढ़ झापा-5 में करीब 50000 वोटों से धूल चटा कर जीत दर्ज कराया। यह चुनाव Gen Z की आवाज़ को प्रबल बनाने का प्रतीक बताया जा रहा है।
आइये जानते हैं कौन हैं बालेन्द्र शाह?
बालेन्द्र शाह को बालेन के नाम से भी जाना जाता है। 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में पैदा हुए बालेन्द्र
का परिवार मूल रूप से मधेश प्रदेश (मैथिली बैकग्राउंड)का है।इनके पिता राम नारायण शाह आयुर्वेद डॉक्टर थे, जिनका दिसंबर 2025 में निधन हो गया था और मां गृहिणी हैं। बालेन्द्र ने काठमांडू से सिविल इंजीनियरिंग की और फिर कर्नाटक की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया। हांलाकि इनकी असली पहचान रैप म्यूजिक से बनी, जब 2012 में उनका पहला गाना 'सड़क बालक' आया तो इस सांग ने युवाओं पर खासा असर डाला। ये 2013 में यूट्यूब बैटल रैप सीरीज से स्टार बन गए। उनके यूट्यूब चैनल पर 10 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। इनकी पत्नी का नाम सबिना काफ्ले हैं और इन्हें एक बेटी है।
रैपर से राजनीति तक का सफर
बालेन्द्र अपने गानों में भ्रष्टाचार,असमानता और आमजन की समस्याएं उठाते थे। 2022 में उन्होंने राजनीति में आने के लिए एक दाव खेला और काठमांडू के मेयर चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े और जीत गए। नेपाल की राजधानी का पहला स्वतंत्र मेयर बने। मेयर रहते हुए शहर की सफाई आदि व्यवस्थाओं को लेकर शहरी विकास में काफी सुधार किए। इसके बाद जनवरी 2026 में आरएसपी में शामिल हुए और पीएम कैंडिडेट बने।
