Khabarilaal News Desk

पेरिस/नई दिल्ली। फ्रांस ने अपने अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल F5 को और अधिक घातक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। फ्रांसीसी रक्षा खरीद एजेंसी (DGA) ने परमाणु क्षमता वाली नई हाइपरसोनिक मिसाइल ASN4G के विकास को औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह मिसाइल भविष्य में राफेल F5 फाइटर जेट के साथ एकीकृत की जाएगी और फ्रांस की रणनीतिक परमाणु शक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी।

2035 तक तैनाती का लक्ष्य

फ्रांस ने ASN4G मिसाइल को वर्ष 2035 तक अपनी वायु सेना और नौसेना के परमाणु बेड़े में शामिल करने का लक्ष्य रखा है। यह मिसाइल मौजूदा ASMP-A सुपरसोनिक परमाणु मिसाइल की जगह लेगी।

क्या है ASN4G की ताकत?

ASN4G अगली पीढ़ी की हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल होगी, जिसे स्क्रैमजेट इंजन तकनीक से विकसित किया जा रहा है।

प्रमुख विशेषताएं:

  • हाइपरसोनिक गति (ध्वनि की गति से कई गुना तेज)

  • लगभग 1000 किलोमीटर तक मारक क्षमता

  • परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम

  • अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने की क्षमता

  • दुश्मन के इलाके में गहराई तक हमला करने में सक्षम

राफेल F5 क्यों है खास?

फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन द्वारा विकसित किया जा रहा राफेल F5 मौजूदा राफेल संस्करणों से कहीं अधिक आधुनिक होगा।

F5 वैरिएंट की संभावित खूबियां:

  • अधिक शक्तिशाली इंजन

  • बेहतर सर्वाइवल क्षमता

  • उन्नत डेटा लिंक

  • लॉयल विंगमैन ड्रोन के साथ ऑपरेशन

  • नई पीढ़ी के हथियारों का एकीकरण

विशेषज्ञों का मानना है कि ASN4G के साथ राफेल F5 दुनिया के सबसे खतरनाक मल्टीरोल फाइटर जेट्स में शामिल हो सकता है।

रूस और चीन की बराबरी की तैयारी

वर्तमान में रूस और चीन के पास हवाई प्लेटफॉर्म से लॉन्च होने वाली हाइपरसोनिक हथियार प्रणालियां मौजूद हैं। ASN4G के सफल विकास के बाद फ्रांस भी इस विशेष क्लब में शामिल हो जाएगा।

भारत के लिए क्यों अहम है यह खबर?

भारतीय वायुसेना पहले से ही राफेल लड़ाकू विमानों का संचालन कर रही है। ऐसे में भविष्य में यदि भारत राफेल F5 संस्करण को शामिल करने पर विचार करता है तो उसे कई नई तकनीकों और उन्नत क्षमताओं का लाभ मिल सकता है।

हालांकि ASN4G फ्रांस की रणनीतिक परमाणु प्रणाली का हिस्सा होगी और इसके निर्यात को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

फ्रांस की रणनीतिक ताकत को मिलेगा नया आयाम

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ASN4G और राफेल F5 का संयोजन फ्रांस की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को नई ऊंचाई देगा। यह कदम यूरोप में फ्रांस की सामरिक स्थिति को और मजबूत करने के साथ-साथ बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में उसकी भूमिका को भी बढ़ाएगा।

DESK REPORTER – CHANDAN KUMAR

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