Khabrilaal News Desk :

वाराणसी – राजातालाब तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान विमुक्त एवं अर्द्ध-घुमन्तू (DNT) मुसहर और नट समुदाय के लगभग 70–80 परिवारों ने भूमि, घरौनी प्रमाण पत्र और आवासीय पट्टा की मांग को लेकर सामूहिक आवेदन सौंपा।

भूमिहीन परिवारों ने रखी प्रमुख मांगें

ग्राम खालिसपुर, शिवरामपुर, जोगापुर (मुसहर बस्ती) और करधना नट बस्ती के निवासियों ने तहसील में अपने आवेदन दर्ज कराए। आवेदकों का कहना है कि वे दशकों से भूमिहीन हैं और उनके पास न स्थायी आवास है, न ही कोई वैध भूमि दस्तावेज।

सरकारी योजनाओं से वंचित समुदाय

समुदाय के लोगों ने बताया कि भूमि और आवास के अभाव में वे प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इससे उनका जीवनयापन और भी कठिन हो गया है।

संगठन ने जताई नाराजगी

नट समुदाय संघर्ष समिति, बेलवा के संयोजक प्रेम नट ने बताया कि संगठन लगातार पिंडरा और राजातालाब तहसील में अपनी मांगों को लेकर आवेदन दे रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हजारों आवेदन देने के बावजूद किसी भी पात्र परिवार को न घरौनी मिली है और न ही भूमि का आवंटन किया गया है।

प्रशासन के आश्वासन से असंतोष

समाधान दिवस में भी अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर समुदाय में नाराजगी देखी गई। लोगों ने कहा कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे जिलाधिकारी के समक्ष अपनी बात रखेंगे।

पेयजल और आवास की भी मांग

आवेदकों ने शुद्ध पेयजल और रहने के लिए पक्के आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

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