Khabrilaal News Desk : 

वाराणसी – संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में गुजरात स्थापना दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं प्रेरणादायी पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा विश्वविद्यालय के योग साधना केंद्र से प्रारंभ होकर निर्धारित मार्गों से होते हुए उत्साहपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुई।

राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करना, सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देना तथा महिला सशक्तिकरण के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना रहा। कार्यक्रम के दौरान देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रेरणादायी विचारों का स्मरण भी किया गया, जिससे प्रतिभागियों में राष्ट्रप्रेम की भावना और अधिक सशक्त हुई।

कुलपति ने दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने की। उन्होंने पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और अपने संबोधन में कहा कि गुजरात स्थापना दिवस राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त प्रतीक है। ऐसे आयोजन युवाओं में देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रबल करते हैं।

शिक्षकों और छात्रों की सक्रिय भागीदारी

पदयात्रा में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

सफल आयोजन में अहम भूमिका

कार्यक्रम का सफल संयोजन प्रो. विद्या कुमारी चन्द्रा एवं डॉ. विजय शर्मा द्वारा किया गया। उनके कुशल नेतृत्व में पदयात्रा का संचालन सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ।

समापन के साथ जताया आभार

अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें सभी अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम

यह आयोजन न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव के रूप में बल्कि सामाजिक जागरूकता और एकजुटता के सशक्त माध्यम के रूप में भी प्रभावशाली साबित हुआ।

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