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वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के श्रमण विद्या संकायाध्यक्ष प्रोफेसर रमेश प्रसाद ने उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रविन्द्र जायसवाल से विश्वविद्यालय में संचालित शैक्षिक गतिविधियों एवं भावी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं छात्र हित में प्रभावी प्रयासों की आवश्यकता पर बल
बैठक के दौरान मंत्री श्री जायसवाल ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में घटती छात्र संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं छात्र हित में प्रभावी प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं विश्वविद्यालय के ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केन्द्र द्वारा ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, कर्मकाण्ड, योग, संस्कृत संभाषण तथा पालि जैसे विषयों में देश-विदेश के हजारों विद्यार्थियों को लाभान्वित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा इसे संस्कृत के वैश्विक प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
भारतीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा उनके व्यापक प्रचार-प्रसार में विश्वविद्यालय की भावी भूमिका
चर्चा के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में संचालित निर्माण कार्यों एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। साथ ही संस्कृत भाषा एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा उनके व्यापक प्रचार-प्रसार में विश्वविद्यालय की भावी भूमिका पर गंभीरतापूर्वक विमर्श हुआ।
बौद्ध दर्शन विभाग के अतिथि अध्यापक डॉ. लेखमणि त्रिपाठी द्वारा स्वस्तिक वाचन से हुआ कार्यक्रम का शुभारम्भ

विश्वविद्यालय में शैक्षिक अवकाश एवं मंत्री जी के समय की अनुकूलता को दृष्टिगत रखते हुए यह कार्यक्रम प्रोफेसर रमेश प्रसाद के आवास पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ बौद्ध दर्शन विभाग के अतिथि अध्यापक डॉ. लेखमणि त्रिपाठी द्वारा स्वस्तिक वाचन से हुआ। तत्पश्चात प्रोफेसर रमेश प्रसाद ने अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर राज्य मंत्री श्री रविन्द्र जायसवाल का आत्मीय स्वागत एवं अभिनन्दन किया।
समग्र विकास एवं संस्कृत शिक्षा के विस्तार हेतु अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक विचार-विमर्श
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई तथा विश्वविद्यालय के समग्र विकास एवं संस्कृत शिक्षा के विस्तार हेतु अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।
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