Khabrilaal News Desk :
वाराणसी – श्रीविद्यामठ में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने गौमाता की रक्षा को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि देश में गौमाता की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है और इस विषय पर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।
गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग
शंकराचार्य जी ने कहा कि यदि गौमाता की रक्षा के लिए भारत में गंभीर प्रयास किए जाएं, तो उन्हें राष्ट्रमाता और राज्य माता का दर्जा दिलाया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकार के सामने ऐसी क्या बाधा है, जिससे यह निर्णय अब तक नहीं लिया गया।
बहुमत की भावना का सम्मान जरूरी
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहुमत की भावना का सम्मान होना चाहिए, लेकिन गौमाता के मुद्दे पर बार-बार उठ रही मांगों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने इस विषय को सामाजिक और सांस्कृतिक आस्था से जुड़ा बताते हुए व्यापक जनसमर्थन की बात कही।
गविष्ठी यात्रा का होगा शुभारंभ
शंकराचार्य जी ने पूर्व घोषणा के अनुसार गविष्ठी यात्रा का भी ऐलान किया। उन्होंने बताया कि यह यात्रा 3 मई से गोरखपुर से शुरू होगी और प्रदेश की 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी। इस यात्रा के माध्यम से वह लोगों से संवाद स्थापित कर गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाएंगे।
सनातन मूल्यों के संरक्षण पर जोर
उन्होंने कहा कि समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करना होगा। यह यात्रा उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर साध्वी पूर्णांबा, साध्वी शारदांबा, संजय पाण्डेय, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, महंत राजेंद्र तिवारी सहित कई गणमान्य लोग एवं वैदिक गुरुकुलम के छात्र उपस्थित रहे।
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