Khabrilaal News Desk :
वाराणसी – सारंगनाथ शक्तिपीठ पीठाधीश्वरी धाम बाबा नीम करौली आश्रम, बरईपुर सारनाथ में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यह आयोजन श्री सनातन जागृति शक्तिपीठ ट्रस्ट के तत्वावधान में श्री नीम करौली बाबा के पांचवें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।
कपिल मुनि और देवहूति संवाद का वर्णन
कथा व्यास पूज्य पं. आलोक कृष्ण जी महाराज ने कथा के दौरान भगवान के अवतार कपिल मुनि एवं माता देवहूति के मध्य हुए सांख्य योग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान में एकनिष्ठ अनुराग ही भक्ति योग है, जिससे वैराग्य और ज्ञान की उत्पत्ति होती है और अंततः ब्रह्म का साक्षात्कार होता है।
शिव-सती चरित्र और शिव-पार्वती विवाह का भावपूर्ण वर्णन
कथा के क्रम में भगवान शिव एवं सती चरित्र के साथ-साथ शिव-पार्वती विवाह का मनोहारी वर्णन किया गया। “सत्यं शिवम् सुन्दरम्” की दिव्य व्याख्या कर समाज में अच्छे संस्कार अपनाने की प्रेरणा दी गई।
भक्ति में डूबे श्रद्धालु
कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भक्ति भाव से कथा श्रवण किया। पूरा परिसर आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा।
धार्मिक आयोजन बना आस्था का केंद्र
यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य भी कर रहा है।
रिपोर्टर - एस बी सिंह (निडर)
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