Khabarilaal news desk:-

वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ द्वारा केंद्र सरकार के गौरवशाली 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में सात दिवसीय (08-14 जून) विशेष जन-संपर्क एवं जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। 

जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने में सक्रिय भूमिका

इस अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं बैंक आदि संस्थानों मे जाकर विद्यार्थियों एवं आमजन को केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, योग, स्वास्थ्य, डिजिटल सशक्तिकरण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर व्यापक रूप से जागरूक किया गया। इस मौके पर कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा जब विश्वविद्यालय केवल ज्ञान का केंद्र न रहकर सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बने। प्रो. त्यागी ने कहा कि विद्यार्थियों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, जिससे जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया और अधिक सशक्त हो सके। 

काशी विद्यापीठ में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 08 से 14 जून तक चला विशेष अभियान

कुलपति प्रो. त्यागी ने जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए युवाओं की सहभागिता को अत्यंत आवश्यक बताया। स्वच्छ भारत मिशन, आयुष्मान भारत एवं डिजिटल इंडिया जैसी पहलों को सामाजिक परिवर्तन का आधार बताते हुए कुलपति ने जनभागीदारी को समय की आवश्यकता बताया। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री जन धन योजना, उज्ज्वला योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना को सामाजिक समावेशन की दिशा में प्रभावी पहल बताया तथा डिजिटल इंडिया एवं स्किल इंडिया मिशन को युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।

विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का लिया संकल्प

कार्यक्रम संयोजक प्रो. नंदिनी सिंह द्वारा बताया गया कि यह अभियान केवल सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि समाज में जागरूकता, उत्तरदायित्व एवं सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की भावना विकसित करने का एक सार्थक प्रयास है। इस अभियान की विशेषता यह रही कि विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थलों एवं आमजन के बीच पहुंचकर व्यापक जन-संपर्क अभियान चलाया गया। 

पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े विषयों की दी गई जानकारी

विद्यार्थियों एवं जन सामान्य को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, स्वच्छता अभियान, योग एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े विषयों की जानकारी दी गई। अनेक स्थानों पर जागरूकता संवाद एवं संपर्क अभियान आदि गतिविधियों के माध्यम से लोगों को योजनाओं का लाभ उठाने तथा समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

जन कल्याण शिविर एवं स्वास्थ्य मेला का भी किया गया प्रारंभ

आयोजन के क्रम में रविवार को जन कल्याण शिविर एवं स्वास्थ्य मेला का भी प्रारंभ किया गया। अभियान को सफल बनाने में कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र, प्रो. पितांबेर दास, प्रो. नलिनी श्याम कामिल, प्रो. अंकिता गुप्ता, डॉ. नीरज धनखड़ , डॉ. ऊर्जस्विता सिंह, डॉ. अम्बरीष राय, डॉ. दिनेश शुक्ल, डॉ. चंद्रमनी, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. कविता, डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. गणेश जायसवाल ने जिम्मेदारी निभाई। 

विश्वविद्यालय के मध्य संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल

सप्ताहभर चले इस अभियान में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे समाज एवं विश्वविद्यालय के मध्य संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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