Khabarilaal News Desk : 

तेल अवीव/बेरूत। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इजरायली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान के दहियेह इलाके में हिजबुल्लाह के एक कथित कमांड सेंटर पर भीषण बमबारी की है। यह कार्रवाई इजरायल पर हुए हमलों के जवाब में की गई बताई जा रही है।

इजरायल का कड़ा संदेश

इजरायली सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि “इजरायल अपने क्षेत्र पर निर्देशित किसी भी प्रकार की गोलीबारी को बर्दाश्त नहीं करेगा।” सेना ने दावा किया कि हमला विशेष रूप से दहियेह में स्थित हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर को निशाना बनाकर किया गया, जिसका उपयोग संगठन इजरायली नागरिकों और दक्षिणी लेबनान में तैनात IDF सैनिकों पर हमले के लिए करता था।

हिजबुल्लाह के कम्युनिकेशन चीफ के दफ्तर पर हमला

इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले का मुख्य लक्ष्य हिजबुल्लाह के कम्युनिकेशन चीफ का कार्यालय था। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस हमले में कितना नुकसान हुआ है और क्या कोई शीर्ष कमांडर प्रभावित हुआ है या नहीं।

अमेरिका को पहले ही दी गई थी जानकारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑपरेशन को अंजाम देने से कुछ ही समय पहले इजरायली सेना ने अमेरिकी नौसेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) को इसकी जानकारी दे दी थी। यह जानकारी पत्रकार बराक रविद द्वारा साझा की गई रिपोर्ट में सामने आई है।

ईरान ने जताया कड़ा विरोध

इजरायली हमले के बाद ईरान ने कड़ा विरोध जताया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष और प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद-बगेर गालिबफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि ये हमले इस बात को दर्शाते हैं कि अमेरिका या तो अपनी प्रतिबद्धताओं को निभाने की इच्छाशक्ति नहीं रखता या फिर ऐसा करने में सक्षम नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई पक्ष अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं कर सकता, तो उस दिशा में आगे बढ़ने की बात भी व्यर्थ है।

क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका

इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय टकराव का रूप ले सकता है।

BUREAU : CHANDAN KUMAR

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