Khabarilaal News Desk :

नई दिल्ली। भीषण गर्मी के मौसम में लोग घरों को ठंडा रखने के लिए एयर कंडीशनर और कूलर का सहारा लेते हैं, लेकिन बढ़ते बिजली बिल के कारण अब ऊर्जा बचाने वाले विकल्पों की चर्चा भी तेज हो गई है। इन्हीं विकल्पों में से एक है Whole House Fan, जो विदेशों में काफी लोकप्रिय है और पूरे घर के तापमान को कम करने में मदद करता है।

क्या है Whole House Fan?

Whole House Fan एक विशेष प्रकार का वेंटिलेशन सिस्टम है, जिसे घर की छत या अटारी (Attic) में लगाया जाता है। इसका काम घर के अंदर जमा गर्म और उमस भरी हवा को बाहर निकालना तथा खिड़कियों के माध्यम से ताजी हवा को अंदर लाना होता है।

यह तकनीक काफी हद तक एग्जॉस्ट फैन की तरह काम करती है, लेकिन इसका प्रभाव पूरे घर पर पड़ता है।

कैसे करता है काम?

जब Whole House Fan चालू किया जाता है, तो यह घर के अंदर की गर्म हवा को ऊपर की ओर खींचकर छत में बने वेंट्स के जरिए बाहर निकाल देता है। इसके साथ ही खुली खिड़कियों से ठंडी और ताजी हवा घर के अंदर प्रवेश करती है।

इस प्रक्रिया से घर के अंदर का तापमान कम हो जाता है और घुटन व उमस से राहत मिलती है।

बिजली की खपत कम

विशेषज्ञों के अनुसार यह सिस्टम सेंट्रल एयर कंडीशनिंग यूनिट की तुलना में काफी कम बिजली खर्च करता है। यही वजह है कि कई देशों में इसे ऊर्जा बचाने वाले विकल्प के रूप में अपनाया जा रहा है।

पर्यावरण के लिए भी बेहतर

Whole House Fan प्राकृतिक वेंटिलेशन पर आधारित है। यह बाहर की हवा का उपयोग कर घर को ठंडा करने में मदद करता है, जिससे ऊर्जा की खपत कम होती है और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

कितना आता है खर्च?

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार इस सिस्टम को लगाने का खर्च लगभग 900 डॉलर से 2400 डॉलर तक हो सकता है। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 75 हजार रुपये से 2 लाख रुपये तक बैठ सकती है। हालांकि वास्तविक लागत घर के आकार, स्थान और इंस्टॉलेशन की जटिलता पर निर्भर करती है।

भारत में इसकी उपलब्धता फिलहाल सीमित है और इसका उपयोग बहुत कम देखने को मिलता है।

क्या हैं इसकी कमियां?

Whole House Fan हर क्षेत्र के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।

  • अत्यधिक गर्म क्षेत्रों में इसकी प्रभावशीलता कम हो सकती है।

  • ज्यादा आर्द्रता (Humidity) वाले इलाकों में यह अपेक्षित परिणाम नहीं देता।

  • यदि सही तरीके से इंस्टॉल न किया जाए तो कीड़े-मकोड़ों और नमी के प्रवेश की संभावना बढ़ सकती है।

  • यह एसी की तरह कमरे को बहुत अधिक ठंडा नहीं करता, बल्कि केवल वेंटिलेशन सुधारकर तापमान कम करता है।

भारत में क्यों नहीं है ज्यादा लोकप्रिय?

भारत के अधिकांश हिस्सों में गर्मी के साथ आर्द्रता भी अधिक रहती है। ऐसे में केवल वेंटिलेशन आधारित यह तकनीक हर जगह प्रभावी नहीं होती। यही कारण है कि देश में अभी भी एयर कंडीशनर और कूलर ज्यादा लोकप्रिय हैं।

BUREAU : CHANDAN KUMAR

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