वाराणसी।सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा प्रेषित प्रेरणास्पद संदेश से समूचे विश्वविद्यालय परिवार में उल्लास, गौरव एवं नवीन उत्साह का वातावरण व्याप्त हो गया है।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने अपने संदेश में विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा, उसकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों तथा राष्ट्र निर्माण में निभाई जा रही उसकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए समस्त आचार्यों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने अपने संदेश में यह विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय से शिक्षित युवा आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं सृजनात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से नई ऊँचाइयों को स्पर्श करेंगे तथा विकसित भारत के निर्माण में सार्थक योगदान देंगे।
स्थापना दिवस को मिली नई गरिमा कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा
राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने स्थापना दिवस को केवल अतीत की उपलब्धियों के स्मरण का अवसर ही नहीं, बल्कि भविष्य के संकल्पों को सुदृढ़ करने का एक प्रेरक पर्व बताते हुए विश्वविद्यालय को निरंतर प्रगति-पथ पर अग्रसर रहने का आह्वान किया।
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने व्यक्त किया आभार
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने राज्यपाल के प्रति गहन आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह प्रेरणादायी संदेश विश्वविद्यालय परिवार के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक, प्रेरक एवं मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि “महामहिम के इस संदेश से विश्वविद्यालय को एक नई ऊर्जा एवं दिशा प्राप्त हुई है, जो हमें शिक्षा, अनुसंधान तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में और अधिक उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु प्रेरित करेगी।
कुलपति प्रो. शर्मा ने आगे कहा कि विश्वविद्यालय अपनी समृद्ध सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिकता, नवाचार एवं वैश्विक दृष्टिकोण के समन्वय के माध्यम से विद्यार्थियों को सशक्त एवं सक्षम बनाने के लिए सतत प्रयत्नशील है।
सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार ने महामहिम राज्यपाल के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए स्थापना दिवस को उत्साह, गरिमा एवं संकल्प के साथ मनाने का पुनः संकल्प लिया।
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