Khabarilaal News Desk :
वाराणसी। प्रयत्न संस्था द्वारा परियोजना "सबल" के अंतर्गत चोलापुर ब्लॉक की 30 ग्राम पंचायतों के ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के बाल प्रतिनिधियों के लिए तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 5 जून से 13 जून 2026 तक धर्मचक्र बिहार, सारनाथ में तीन चरणों में सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में चोलापुर ब्लॉक की 30 ग्राम पंचायतों से चयनित 60 बाल प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रत्येक चरण में 20-20 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया।
बाल अधिकार और संरक्षण पर विशेष प्रशिक्षण
कार्यक्रम के प्रमुख संदर्भ व्यक्तियों में पूर्व बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य सुशील कुमार श्रीवास्तव तथा मानव सेवा केंद्र के परियोजना समन्वयक सुरेंद्र कुमार सिंह शामिल रहे। दोनों विशेषज्ञों ने बाल अधिकार, बाल संरक्षण तंत्र, बाल सहभागिता, नेतृत्व विकास और सामुदायिक स्तर पर बाल संरक्षण को मजबूत बनाने से जुड़े विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, जिम्मेदारियों और नेतृत्व क्षमता के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना था, ताकि वे अपने गांवों में बच्चों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा सकें।
बाल विवाह, बाल श्रम और तस्करी पर हुई चर्चा
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बाल अधिकार, बाल संरक्षण कानून, बाल विवाह एवं बाल श्रम की रोकथाम, बाल तस्करी, लैंगिक समानता, नेतृत्व विकास, संवाद कौशल तथा ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण तंत्र से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
प्रशिक्षण को रोचक और सहभागितापूर्ण बनाने के लिए समूह चर्चा, भूमिका अभिनय, खेल आधारित गतिविधियां, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और अनुभव साझा सत्र भी आयोजित किए गए।
बच्चों ने तैयार की कार्ययोजना
प्रशिक्षण के दौरान बाल प्रतिनिधियों ने अपने-अपने गांवों में बच्चों के सामने आने वाली समस्याओं और चुनौतियों पर चर्चा की तथा उनके समाधान के लिए कार्ययोजनाएं तैयार कीं।
उन्हें यह भी बताया गया कि ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के माध्यम से बाल अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की पहचान कर संबंधित विभागों और संस्थाओं तक सूचना पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
बाल हितैषी गांव बनाने की दिशा में पहल
समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बच्चों की सक्रिय और सार्थक भागीदारी के बिना बाल हितैषी गांव और बाल हितैषी पंचायत की कल्पना नहीं की जा सकती। प्रतिभागियों ने अपने-अपने गांव में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने और बच्चों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का संकल्प लिया।
संस्था के अनुसार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चोलापुर ब्लॉक को बाल हितैषी बनाने और बच्चों की सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
कार्यक्रम में सोनू गौर, सुंदर सिंह, अनन्या दास, आकाश सरकार, दिलीप कुमार, दिनेश कुमार, प्रमिला देवी, जियालाल, मंजू देवी, ज्योति कुमारी, ललित देवी, सुमन देवी, अंतिमा देवी और विनोद कुमार ने सक्रिय भूमिका निभाई।
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