Khabarilaal news desk 

लखनऊ। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राजस्व मामलों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भूमि और राजस्व से जुड़े विवाद सीधे तौर पर आमजन, किसानों और सामाजिक सौहार्द से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने तय समय-सीमा से अधिक लंबित मामलों में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राजस्व न्यायालयों में पारदर्शिता और समयबद्ध निस्तारण का रखें ध्यान- CM Yogi

शनिवार को राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित व्यवस्था, जवाबदेही और नियमित मॉनिटरिंग के जरिए राजस्व न्यायालयों की कार्यक्षमता को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों को शीघ्र न्याय मिल सके। उन्होंने सभी जिलों में अभियान चलाकर पुराने मामलों के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के निर्देश दिए।

22 लाख से घटकर 10 लाख हुए लंबित वाद,वाद की संख्या लगातार हों रहा है कम 

बैठक में बताया गया कि धारा-34 के अंतर्गत लंबित वादों की संख्या में बड़ी कमी आई है। 1 जनवरी 2026 को जहां 22,44,466 मामले लंबित थे, वहीं 22 मई 2026 तक यह संख्या घटकर 10,59,139 रह गई। इस अवधि में 5,40,945 मामलों का निस्तारण किया गया। समीक्षा में बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़ और बदायूं का प्रदर्शन बेहतर पाया गया, जबकि गोरखपुर, संतकबीरनगर, प्रतापगढ़, बलिया और देवरिया में अपेक्षित प्रगति नहीं मिली।

धारा-80 के मामलों में भी तेजी से हो रही वृद्धि 

आरसीसीएमएस पोर्टल के माध्यम से धारा-80 के मामलों में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। जनवरी 2026 में 85,158 लंबित मामलों की संख्या घटकर 22 मई तक 38,166 रह गई। मुख्यमंत्री ने कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में विशेष अभियान चलाने और नियमित समीक्षा के निर्देश दिए।

वरासत मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देश

धारा-33 के अंतर्गत निर्विवादित वरासत मामलों की समीक्षा में बताया गया कि वर्ष 2025 में प्राप्त 16.89 लाख आवेदनों में से 16.43 लाख का निस्तारण किया जा चुका है। वहीं वर्ष 2026 में अब तक प्राप्त 7.15 लाख आवेदनों में से 6.52 लाख मामलों का निस्तारण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वरासत से जुड़े मामलों में नागरिकों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

पुराने मामलों के निस्तारण को लेकर बनाई जाएगी विशेष रणनीति

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्षों से लंबित पुराने मामलों की अलग सूची तैयार कर उनके निस्तारण के लिए विशेष रणनीति बनाई जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को तय समय-सीमा में लंबित मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्रशासन की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए जिससे जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो तथा लोगों को न्याय के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।

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