खबरीलाल न्यूज़ डेस्क :-
वाराणसी राजातालाब तहसील के राजस्व ग्राम खमौना में ग्राम सभा की आरक्षित चकनाली एवं सार्वजनिक मार्ग पर कथित अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गांव निवासी एवं किसान उमेश कुमार यादव ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र देकर आरोप लगाया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने निष्पक्ष पैमाइश, सीमांकन तथा अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
ग्रामीण ने जिलाधिकारी से लगाई गुहार
प्रार्थना पत्र के अनुसार राजस्व अभिलेखों में दर्ज आराजी संख्या 109 एवं 113 चकनाली तथा आराजी संख्या 140 सार्वजनिक मार्ग के रूप में दर्ज हैं। आरोप है कि इन आरक्षित भूमि पर अवैध रूप से मकान और अन्य स्थायी निर्माण कर कब्जा कर लिया गया है, जिससे चकनाली और सार्वजनिक मार्ग का मूल स्वरूप प्रभावित हो रहा है। इसके कारण ग्रामीणों के आवागमन और जल निकासी व्यवस्था में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।
राजातालाब तहसील में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का मामला गरमाया, निष्पक्ष पैमाइश और सीमांकन की मांग
शिकायतकर्ता का आरोप है कि गांव निवासी राजिंदर यादव उर्फ गणेशु ने मुख्य सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण करने के साथ ही सरकारी नाली पर पक्का मकान बना लिया है। इतना ही नहीं, आराजी संख्या 113 एवं 136 के मिलान बिंदु पर स्थित राजस्व पत्थर हटाए जाने की भी आशंका जताई गई है, जिससे वास्तविक सीमांकन और भूमि की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
संबंधित लेखपाल की रिपोर्ट पर भी सवाल
उमेश कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने 21 अप्रैल 2026 को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत संख्या 40019726016963 दर्ज कराई थी, लेकिन बिना विधिवत पैमाइश और सीमांकन कराए ही शिकायत का निस्तारण कर दिया गया। उन्होंने संबंधित लेखपाल की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शिकायत निस्तारण के समय वास्तविक स्थलीय जांच नहीं की गई।
राजातालाब न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के अंतर्गत विचाराधीन
मामला वर्तमान में उपजिलाधिकारी राजातालाब के न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के अंतर्गत विचाराधीन है, लेकिन अभी तक अतिक्रमण हटाने की अंतिम कार्रवाई नहीं हो सकी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि निष्पक्ष पैमाइश के अभाव में सरकारी भूमि पर कब्जा यथावत बना हुआ है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके पर निष्पक्ष पैमाइश और सीमांकन कराया जाए
प्रार्थी ने जिलाधिकारी से मांग की है कि राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके पर निष्पक्ष पैमाइश और सीमांकन कराया जाए, राजस्व पत्थरों की स्थिति की जांच की जाए तथा ग्राम सभा की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पीड़ित का कहना है कि यदि सरकारी चकनाली और सार्वजनिक मार्ग को शीघ्र अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया तो बरसात के मौसम में जल निकासी की समस्या और गंभीर हो सकती है। अब पूरे गांव की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
Comments (0)