Khabarilaal news desk:-
वाराणसी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय, पाण्डेयपुर में एक मरीज के द्वारा अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाने का मामला प्रकाश में आया है। चौबेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत जाल्हूपुर निवासी गौतम पुत्र गुलाब का कहना है कि अस्पताल से जारी किए गए डिस्चार्ज पत्र में तिथि संबंधी त्रुटि और चिकित्सक की मोहर न होने के कारण उन्हें मेडिकल क्लेम का लाभ नहीं मिल सका।
गौतम का आरोप है कि उपचार के दौरान कुछ स्वास्थ्यकर्मियों का व्यवहार संतोषजनक नहीं

पीड़ित के अनुसार, 7 मई 2026 को अचानक सीने में तेज दर्द होने पर परिजनों ने 108 एम्बुलेंस की सहायता से उन्हें पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय के मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया। उनका इलाज वार्ड के बेड संख्या 12 पर शुरू हुआ। गौतम का आरोप है कि उपचार के दौरान कुछ स्वास्थ्यकर्मियों का व्यवहार संतोषजनक नहीं था। विरोध करने के बाद 9 मई 2026 को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
त्रुटियों के कारण उनका मेडिकल क्लेम निरस्त
गौतम का कहना है कि अस्पताल द्वारा दिए गए डिस्चार्ज पेपर में भर्ती की तिथि 7 मई 2026 के स्थान पर 7 जुलाई 2026 दर्ज कर दी गई, जबकि डिस्चार्ज तिथि 9 मई 2026 ही लिखी गई। इसके अलावा डिस्चार्ज पत्र पर संबंधित चिकित्सक की मोहर भी नहीं लगी थी। उनका आरोप है कि इन त्रुटियों के कारण उनका मेडिकल क्लेम निरस्त हो गया।
त्रुटियों के कारण उनका मेडिकल क्लेम निरस्त

पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कई बार अस्पताल जाकर डिस्चार्ज स्लिप में सुधार करने का प्रयास किया लेकिन उन्हें कोई संतोष जनक जवाब नहीं मिला और ना ही कोई कार्यवाही की गई पीड़ित का कहना है कि पीड़ित का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग हस्तक्षेप करते हुए त्रुटि में सुधार कराते हुए त्रुटियों के कारण उनका मेडिकल क्लेम निरस्त की है
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