khabarilaal news desk
वाराणसी :-- मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने की दिशा में वाराणसी को एक बड़ी स्वास्थ्य सौगात मिली है। कबीरचौरा स्थित राजकीय जिला महिला चिकित्सालय परिसर में शहर दक्षिणी विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने रविवार को बनारस के पहले एमएसएनसीयू (Maternal Sick Newborn Care Unit) भवन का विधिवत शिलान्यास किया। लगभग 2.55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह अत्याधुनिक स्वास्थ्य इकाई गरीब महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का नया केंद्र बनेगी।
दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया 2.55 करोड़ की परियोजना का शिलान्यास
शिलान्यास समारोह के दौरान डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एमएसएनसीयू एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित भवन में 24 बेड माताओं और 24 बेड उनके नवजात शिशुओं के लिए स्थापित किए जाएंगे। इस यूनिट के निर्माण से प्रसव के बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहीं माताओं और बीमार नवजातों को एक ही स्थान पर समन्वित उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
कबीरचौरा महिला अस्पताल में प्रस्तावित आधुनिक एमएसएनसीयू में होगा 48 बेड
उन्होंने कहा कि अब तक समय से पूर्व जन्म लेने वाले या गंभीर स्थिति वाले नवजात बच्चों को उपचार के लिए मां से अलग कर दूसरे अस्पतालों में भेजना पड़ता था। इससे मां और शिशु दोनों को मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन इस यूनिट के शुरू होने के बाद प्री-मेच्योर और कमजोर बच्चों को मां के संपर्क में रखते हुए ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
माताओं और नवजातों को मिलेगी एकीकृत उपचार सुविधा
डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि यह यूनिट अत्याधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ से लैस होगी। यहां न्यूनतम इनवेसिव वेंटिलेशन, फोटोथेरेपी, वार्मर, इनक्यूबेटर जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने कहा कि महिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में प्रसव होते हैं और आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां पहुंचते हैं। ऐसे में इस यूनिट के शुरू होने से बीएचयू और अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर होने वाले मामलों में कमी आएगी।
प्री-मेच्योर और गंभीर नवजातों को अब मां से नहीं होना पड़ेगा अलग
उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना जिले विशेषकर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। नवजात मृत्यु दर कम करने में यह यूनिट अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि गाजियाबाद के बाद यह उत्तर प्रदेश का दूसरा अत्याधुनिक एमएसएनसीयू होगा और अगले चार माह में इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम के दौरान भाजपा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान भाजपा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें महानगर उपाध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव, महामंत्री जगदीश त्रिपाठी, इंजीनियर अशोक यादव, राजीव सिंह डब्बू, बबलू सेठ, तारकेश्वर गुप्ता, संजय केशरी, संतोष सोलापुरकर, श्रवण गुप्ता, इंद्रेश सिंह, कनकलता मिश्र, अंकुर मेहरोत्रा, मनोज यादव सहित चिकित्सालय के डॉक्टर और स्टाफ उपस्थित रहे।
इस परियोजना की शुरुआत को स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि एमएसएनसीयू जैसी आधुनिक इकाइयों का विस्तार प्रदेश में मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई दिशा देगा। वाराणसी में इस परियोजना की शुरुआत को स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
Comments (0)