Khabarilaal News Desk :

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में कभी उभरते हुए चेहरे के रूप में पहचान बनाने वाली पूर्व अभिनेत्री Mitali Sharma की जिंदगी का संघर्ष आज भी लोगों को हैरान कर देता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक समय फिल्मों और मॉडलिंग की दुनिया में सक्रिय रहीं मिताली शर्मा बाद में आर्थिक तंगी, अकेलेपन और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझती हुई बेहद कठिन परिस्थितियों में पहुंच गई थीं।

दिल्ली से मुंबई तक सपनों का सफर

मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली मिताली शर्मा अभिनेत्री बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंची थीं। शुरुआती दौर में उन्हें भोजपुरी फिल्मों और मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स में काम मिला, जिससे इंडस्ट्री में उनकी पहचान बनने लगी।

हालांकि समय के साथ उन्हें मिलने वाले प्रोजेक्ट्स कम होते गए। लगातार काम की कमी और आर्थिक अस्थिरता ने उनकी परेशानियां बढ़ा दीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई आने के बाद वह अपने परिवार से भी दूर हो गई थीं, जिससे उन्हें भावनात्मक और आर्थिक सहयोग नहीं मिल पाया।

आर्थिक संकट और मानसिक तनाव

बताया जाता है कि लंबे समय तक काम नहीं मिलने, आर्थिक संकट और अकेलेपन की वजह से उनकी मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ने लगा। धीरे-धीरे उनकी जिंदगी संघर्षों से घिरती चली गई।

कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें मुंबई के लोखंडवाला इलाके में सड़कों पर बेहद दयनीय अवस्था में देखा गया था। उस समय यह भी कहा गया कि वह लोगों से मदद मांगने को मजबूर हो गई थीं।

पुलिस ने किया हस्तक्षेप

रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई पुलिस ने उन्हें सड़क पर परेशान हालत में देखा और अपने संरक्षण में लिया। बताया जाता है कि उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।

मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया भर्ती

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस स्टेशन पहुंचने के बाद उन्होंने भोजन की मांग की थी। उनकी स्थिति को गंभीर मानते हुए पुलिस ने उनका इलाज शुरू करवाया और बाद में उन्हें मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया ताकि उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल मिल सके।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चर्चा

मिताली शर्मा की कहानी मनोरंजन जगत में सफलता और संघर्ष के बीच की दूरी को दर्शाती है। यह मामला मानसिक स्वास्थ्य, आर्थिक सुरक्षा और कलाकारों के लिए मजबूत सपोर्ट सिस्टम की जरूरत पर भी सवाल खड़े करता है।

DESK REPORTER - CHANDAN KUMAR

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